गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भजन
गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भजन
गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया,
भरया भण्डारा रहसी ओ राम,
मिल्या सन्त उपदेशी,
गुरु मायले री बाताँ कहसी,
ओ राम म्हान झीणी झीणी बाता कहसी,
हल्दी का रंग पीला होसी, केशर कद बण ज्यासी,
केशर कद बण ज्यासी
कोई खरीद काँसी, पीतल, सन्त शब्द लिख लेसी
खार समद बीच अमृत भेरी, सन्त घड़ो भर लेसी
खीर खाण्ड का अमृत भोजन, सन्त नीवाला लेसी
कागा कँ गल पैप माला,
हँसलो कद बण ज्यासी ऊँचे टीले धजा फरुके,
चौड़े तकिया रहसी साध-सन्त रल भेला बैठ,
नुगरा न्यारा रहसी शरण मछेन्दर जती गोरख बोल्या,
भरया भण्डारा रहसी ओ राम,
मिल्या सन्त उपदेशी,
मिल्या सन्त उपदेशी,
गुरु मायले री बाताँ कहसी,
ओ राम म्हान झीणी झीणी बाता कहसी,
हल्दी का रंग पीला होसी, केशर कद बण ज्यासी,
केशर कद बण ज्यासी
कोई खरीद काँसी, पीतल, सन्त शब्द लिख लेसी
खार समद बीच अमृत भेरी, सन्त घड़ो भर लेसी
खीर खाण्ड का अमृत भोजन, सन्त नीवाला लेसी
कागा कँ गल पैप माला,
हँसलो कद बण ज्यासी ऊँचे टीले धजा फरुके,
चौड़े तकिया रहसी साध-सन्त रल भेला बैठ,
नुगरा न्यारा रहसी शरण मछेन्दर जती गोरख बोल्या,
भरया भण्डारा रहसी ओ राम,
मिल्या सन्त उपदेशी,
गणेश आया रिद्धि सिद्धि लाया थारा भरया भण्डारा रेसी // Vikas Nath Ji Maharaj Bhajan // KDH विकास नाथ जी महाराज का प्रसिद्ध भजन
Ganesh Aaya Riddhi Siddhi Lyaaya,Bharaya Bhandaara Rahasee O Raam,
Milya Sant Upadeshee,
Guru Maayale Ree Baataan Kahasee,
O Raam Mhaan Jheenee Jheenee Baata Kahasee,
गणेश जी का आगमन जीवन में रिद्धि-सिद्धि का प्रकाश लाता है, जैसे कोई भण्डार अपार खजाने से भर जाए। उनकी कृपा से संतों का सान्निध्य मिलता है, जो सूक्ष्म और झीणी बातों से मन को जागृत करते हैं, मानो अंधेरे में दीपक जल उठे। यह भक्ति हमें सिखाती है कि सच्चा सुख संतों के उपदेश में है, जो हल्दी के पीले रंग और केशर की सुगंध की तरह मन को रंग देता है।
संतों का शब्द अमृत है, जैसे खीर-खांड का भोजन आत्मा को तृप्त करता है। एक संत की तरह यह भजन सिखाता है कि सादगी से लिया गया उनका वचन जीवन को संवारता है। एक चिंतक के दृष्टिकोण से, कागज पर माला गूंथने की बजाय संतों के शब्दों को हृदय में धारण करना सच्ची भक्ति है। धर्मगुरु की सीख यही है कि गोरखनाथ और मछेन्द्रनाथ जैसे गुरुओं की शरण में भ्रम मिटता है, जैसे ऊँचे टीले पर ध्वजा लहराकर दिशा दिखाती है।
उदाहरण लें, जैसे कोई खारा समुद्र पार कर अमृत का घूंट पी ले, वैसे ही संतों का संग भवसागर से पार कराता है। साध-संतों का मेला, जहाँ चौड़े तकिए पर बैठकर उपदेश होता है, मन को शांति और दिशा देता है। गणेश जी की कृपा और संतों की वाणी से जीवन का भण्डार आनंद और ज्ञान से भर जाता है।
संतों का शब्द अमृत है, जैसे खीर-खांड का भोजन आत्मा को तृप्त करता है। एक संत की तरह यह भजन सिखाता है कि सादगी से लिया गया उनका वचन जीवन को संवारता है। एक चिंतक के दृष्टिकोण से, कागज पर माला गूंथने की बजाय संतों के शब्दों को हृदय में धारण करना सच्ची भक्ति है। धर्मगुरु की सीख यही है कि गोरखनाथ और मछेन्द्रनाथ जैसे गुरुओं की शरण में भ्रम मिटता है, जैसे ऊँचे टीले पर ध्वजा लहराकर दिशा दिखाती है।
उदाहरण लें, जैसे कोई खारा समुद्र पार कर अमृत का घूंट पी ले, वैसे ही संतों का संग भवसागर से पार कराता है। साध-संतों का मेला, जहाँ चौड़े तकिए पर बैठकर उपदेश होता है, मन को शांति और दिशा देता है। गणेश जी की कृपा और संतों की वाणी से जीवन का भण्डार आनंद और ज्ञान से भर जाता है।
आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |