तू प्यार का सागर है भजन Tu Pyar Ka Sagar Hai Bhajan

तू प्यार का सागर है लिरिक्स Tu Pyar Ka Sagar Hai Bhajan

 
तू प्यार का सागर है भजन Tu Pyar Ka Sagar Hai Bhajan

तू प्यार का सागर है,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
लौटा जो दिया तुमने,
चले जायेंगे जहाँ से हम
तू प्यार का सागर है।

घायल मन का पागल पंछी,
उड़ने को बेक़रार,
उड़ने को बेक़रार,
पंख हैं कोमल आँख है धुँधली,
जाना है सागर पार,
जाना है सागर पार,
अब तू ही इसे समझा,
राह भूले थे कहाँ से हम,
राह भूले थे कहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम।

इधर झूमती गाये ज़िंदगी,
उधर है मौत खड़ी,
उधर है मौत खड़ी,
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा,
उलझन आन पड़ी,
उलझन आन पड़ी,
कानों में ज़रा कह दे,
कि आये कौन दिशा से हम,
तू प्यार का सागर है,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम।

तू प्यार का सागर है,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
लौटा जो दिया तुमने,
चले जायेंगे जहाँ से हम
तू प्यार का सागर है,।
-2-
तेरी एक बूंद के प्यासे हम
तू प्यार का सागर है,
तेरी एक बूँद के प्यासे हम
लौटा जो दिया तूने,
चले जायेंगे जहां से हम
घायल मन का पागल पंछी
उड़ने को बेकरार
पंख हैं कोमल, आँख है धुंदली,
जाना है सागर पार
अब तू ही इसे समझा,
राह भूले थे कहाँ से हम
इधर झूम के गाए जिन्दगी,
उधर है मौत खड़ी
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा,
उलझन आन पड़ी
कानों में ज़रा कह दे
के आएं कौन दिशा से हम
 

tu pyaar ka sagar hai.. manna dey,film seema

Teree Ek Boond Ke Pyaase Ham
Too Pyaar Ka Saagar Hai,
Teree Ek Boond Ke Pyaase Ham
Lauta Jo Diya Toone,
Chale Jaayenge Jahaan Se Ham
Ghaayal Man Ka Paagal Panchhee
Udane Ko Bekaraar
Pankh Hain Komal, Aankh Hai Dhundalee,
Jaana Hai Saagar Paar
Ab Too Hee Ise Samajha,
Raah Bhoole The Kahaan Se Ham
Idhar Jhoom Ke Gae Jindagee,
Udhar Hai Maut Khadee
Koee Kya Jaane Kahaan Hai Seema,
Ulajhan Aan Padee
Kaanon Mein Zara Kah De
Ke Aaen Kaun Disha Se Ham

इस भजन का अर्थ / भावार्थ : इस भजन में, भक्त ईश्वर से भक्ति रूपी प्रेम की बूंद को मांग रहा है, इश्वर की कृपा को प्राप्त करने के लिए विनय कर रहा है। ईश्वर के प्रेम के प्यासे हैं और इश्वर प्रेम का सागर है, भक्ति रूपी प्रेम की बूंदों के भक्त प्यासे हैं. भक्त अपने मन को एक घायल पंछी की तरह बताते हैं जो उड़ने को बेचैन है। वे कहते हैं कि उनके पंख कोमल हैं और उनकी आँख धुंधली है। उन्हें नहीं पता कि सागर पार जाना है, लेकिन वे जाना चाहते हैं।

भक्त जीवन और मृत्यु के बीच की उलझन का भी जिक्र करते हैं। वे कहते हैं कि जीवन झूमता गाता है, लेकिन मृत्यु भी हमेशा खड़ी रहती है। उन्हें नहीं पता कि जीवन और मृत्यु के बीच की सीमा कहाँ है। भक्त ईश्वर से कहते हैं कि वे उन्हें बताएं कि वे कहाँ से आए हैं और कहाँ जा रहे हैं। वे कहते हैं कि अगर ईश्वर उन्हें प्रेम की बूंद दे देंगे, तो वे अपने सभी प्रश्नों का उत्तर पा लेंगे और इस संसार से चले जाएंगे।
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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