हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के
पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के
मंज़िल पे आया मुल्क हर बला को टाल के
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के
तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के
देखो कहीं बरबाद ना होए ये बगीचा
इसको हृदय के खून से बापू ने है सींचा
रक्खा है ये चिराग़ शहीदों ने बाल के, इस देश को...
दुनिया के दांव पेंच से रखना ना वास्ता
मंज़िल तुम्हारी दूर है लम्बा है रास्ता
भटका ना दे कोई तुम्हें धोखे में डाल के, इस देश को...
ऐटम बमों के जोर पे ऐंठी है ये दुनिया
बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनिया
तुम हर कदम उठाना ज़रा देख भाल के, इस देश को...
आराम की तुम भूल भुलय्या में ना भूलो
सपनों के हिंडोलों पे मगन होके ना झूलो
अब वक़्त आ गया है मेरे हँसते हुए फूलों
उठो छलाँग मार के आकाश को छू लो
तुम गाड़ दो गगन पे तिरंगा उछाल के, इस देश को... पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के,
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के,
मंज़िल पे आया मुल्क हर बला को टाल के,
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के।
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के,
तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के,
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के।
देखो कहीं बरबाद ना होए ये बगीचा
इसको हृदय के खून से बापू ने है सींचा
रक्खा है ये चिराग़ शहीदों ने बाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के,
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के।
दुनिया के दांव पेंच से रखना ना वास्ता
मंज़िल तुम्हारी दूर है लम्बा है रास्ता
भटका ना दे कोई तुम्हें धोखे में डाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के,
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के।
ऐटम बमों के जोर पे ऐंठी है ये दुनिया
बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनिया
तुम हर कदम उठाना ज़रा देख भाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के,
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के।
आराम की तुम भूल भुलय्या में ना भूलो
सपनों के हिंडोलों पे मगन होके ना झूलो
अब वक़्त आ गया है मेरे हँसते हुए फूलों
उठो छलाँग मार के आकाश को छू लो
तुम गाड़ दो गगन पे तिरंगा उछाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के,
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के।
हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के।
देशभक्ति गीत से अभिप्राय :
देशभक्ति गीत किसी देश की अस्मिता होते हैं जिन के माध्यम से राष्ट्र को
सर्वोपरि स्थान दिया जाता है। इन गीतों की प्रमुखता होती है की इनमे
राष्ट्र रस और देशभक्ति की भावना जाग्रत करने के लिए रचा जाता है।
राष्ट्रिय पर्व, राजनैतिक कारकर्मों, अन्यदेशों में देश का प्रतिनिधित्व
जैसे ओलम्पिक गेम्स और अन्य खेल प्रतियोगिताओ में इसे बजाया जाता है ये
राष्ट्र गान के बाद बजाया जाता है। कवी प्रदीप, सुमित्रानंदन पंत,
गिरिजाकुमार माथुर के देशभक्ति गीत काफी प्रचलित हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के
समय से ही देशभक्ति गीत और कविताओं ने लोगों में जोश भरा है।
Desh Bhakti Geet Lyrics in Hindi