जगमग ज्योत जले भवन तेरे जगमग भजन

जगमग ज्योत जले भवन तेरे जगमग ज्योत जले

जगमग ज्योत जले भवन तेरे जगमग ज्योत 

जगमग ज्योत जले भवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें,
मिलते हैं हमें सुख जीवन के,
माँ, तेरी छांव तले,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।

कितनी भी हो राह अंधेरी,
करती उजाला ज्योति माँ तेरी,
करती उजाला ज्योति माँ तेरी,
दुख और पीड़ा सब हर लेती,
सुख की करती बरखा घनेरी,
सुख की करती बरखा घनेरी,
तेरी कृपा से मिला है ये जीवन,
सांस भी तुझसे चले,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।

तू जगजननी, तू जग करनी,
तू विद्यादात्री, तू ही शक्ति,
तू विद्यादात्री, तू ही शक्ति,
तेरे चरण में तन-मन अर्पण,
हम करते माँ तेरी भक्ति,
हम करते माँ तेरी भक्ति,
भक्ति से तेरी, भक्तों के माँ,
सारे काज फलें,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।

जगमग ज्योत जले भवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें,
मिलते हैं हमें सुख जीवन के,
माँ, तेरी छांव तले,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।


जगमग ज्योति जले -Shahnaaz Akhtar | Navratri 2024 Special Bhajan | Hindi Devotional Song

सुन्दर भजन में माँ की अनंत कृपा और उनकी दिव्यता का भाव प्रकाशित किया गया है। माँ केवल आराधना की देवी नहीं, बल्कि वह ज्योति हैं जो हर अंधकार को मिटाकर जीवन को प्रकाश से भर देती हैं। जब भक्त माँ की छत्रछाया में आता है, तब उसे सच्ची शांति और सुख की अनुभूति होती है।

माँ की ज्योति किसी साधारण प्रकाश की भाँति नहीं, बल्कि यह वह दिव्य ऊर्जा है जो जीवन के समस्त कष्टों को समाप्त करती है। जब संसार में अंधकार छा जाता है, तब माँ की कृपा की यह लौ संपूर्ण दिशाओं में उजास फैलाती है। उनके आशीर्वाद से मन में स्थिरता आती है, जीवन में संतुलन बनता है, और आत्मा परम शांति का अनुभव करती है।

इस भजन में श्रद्धा और समर्पण की वह पवित्र अनुभूति जाग्रत होती है, जिसमें भक्त अपने तन-मन को माँ के चरणों में अर्पण कर देता है। माँ केवल जन्मदात्री नहीं, बल्कि वह शक्ति हैं जो ज्ञान, विवेक और सद्गुणों को प्रकट करती हैं। जब कोई सच्चे हृदय से उनकी आराधना करता है, तब माँ उसकी समस्त इच्छाएँ पूर्ण करती हैं और उसका जीवन आनंदमय बना देती हैं।

माँ की भक्ति से जीवन में समस्त विघ्न समाप्त हो जाते हैं। उनका आशीर्वाद जीवन को दिशा देता है, और हर संकट को सरलता से पार करने का मार्ग दिखाता है। माँ का प्रेम अनंत है, जो समस्त जीवों को अपनी करुणा से जोड़े रखता है। यही भक्ति का वह दिव्य स्वरूप है, जो साधक को सच्ची सुख-शांति प्रदान करता है। माँ की कृपा से ही जीवन में वास्तविक संतोष और सिद्धि प्राप्त होती है। यही उनके प्रेम का दिव्य प्रकाश है।

Song Credits :-
Singer :- Shahnaaz Akhtar 
Lyrics  - Dinesh Dave (Indore)
Composition - Shahnaaz Akhtar 
Music Arrangement :- Prateek Shrivastava 
Recorded At :- Shahnaaz Akhtar Studio
Mixed And Master :- Prateek Shrivastava 

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