जगमग ज्योत जले भवन तेरे जगमग ज्योत जले

जगमग ज्योत जले भवन तेरे जगमग ज्योत जले

जगमग ज्योत जले भवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें,
मिलते हैं हमें सुख जीवन के,
माँ, तेरी छांव तले,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।

कितनी भी हो राह अंधेरी,
करती उजाला ज्योति माँ तेरी,
करती उजाला ज्योति माँ तेरी,
दुख और पीड़ा सब हर लेती,
सुख की करती बरखा घनेरी,
सुख की करती बरखा घनेरी,
तेरी कृपा से मिला है ये जीवन,
सांस भी तुझसे चले,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।

तू जगजननी, तू जग करनी,
तू विद्यादात्री, तू ही शक्ति,
तू विद्यादात्री, तू ही शक्ति,
तेरे चरण में तन-मन अर्पण,
हम करते माँ तेरी भक्ति,
हम करते माँ तेरी भक्ति,
भक्ति से तेरी, भक्तों के माँ,
सारे काज फलें,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।

जगमग ज्योत जले भवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें,
मिलते हैं हमें सुख जीवन के,
माँ, तेरी छांव तले,
जगमग ज्योत जलें भुवन तेरे,
जगमग ज्योत जलें।।


जगमग ज्योति जले -Shahnaaz Akhtar | Navratri 2024 Special Bhajan | Hindi Devotional Song
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