श्याम चंदा है श्यामा चकोरी

श्याम चंदा है श्यामा चकोरी

श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी।

श्याम रसिया है श्यामा रसीली,
कृष्ण छलिया है राधा शर्मीली,
कृष्ण काला है राधा है गौरी,
बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी।

गिरधर गोपाल गोकुल का राजा,
बृज की सरकार रानी है राधा,
कृष्ण काला है राधा है गौरी,
बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी।

दोनों में प्रेम इतना है ज्यादा,
राधा मोहन है मोहन है राधा,
कृष्ण मन का मदुक राधा भौरि,
बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी। 
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी।


श्याम चंदा है श्यामा चकोरी, बड़ी सुन्दर है दोनों की जोड़ी ~ #देवी चित्रलेखा जी

भजन - #श्याम चंदा है श्यामा चकोरी, बड़ी सुन्दर है दोनों की जोड़ी
स्वर - #देवी चित्रलेखा जी 
 
राधा और श्याम का प्रेम एक ऐसी अनुपम मिसाल है, जो आत्मा को प्रभु के साथ एकरूप होने का मार्ग दिखाता है। जैसे चाँद और चकोरी एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, वैसे ही राधा की कोमलता और श्याम की मधुरता एक-दूसरे को पूर्ण करते हैं। श्याम का रसिक स्वभाव और राधा की शर्मीली मुस्कान, उनकी काली-गौरी छवि, सब मिलकर एक अनोखी सुंदरता रचते हैं। यह प्रेम केवल रूप का नहीं, बल्कि हृदय का वह गहरा बंधन है, जहाँ राधा मोहन में और मोहन राधा में समा जाते हैं। गोकुल का राजा और ब्रज की रानी एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, जैसे मन का मधुर रस और भौंरे का प्रेम। यह प्रेम सिखाता है कि सच्ची भक्ति में भेद नहीं, केवल समर्पण और एकता है, जो जीवन को प्रेममय और आनंदमय बनाती है।

Next Post Previous Post