ऊबो थारी हाजरी बजाऊं सांवरा भजन

ऊबो थारी हाजरी बजाऊं सांवरा भजन

ऊबो थारी हाजरी बजाऊं सांवरा,
बोल कुण सो भजन सुनाऊं सांवरा,
बोल कुणसी सेवा निभाउँ सांवरा,
बोल तन्ने की कर रिझाऊं सांवरा ||

भाव भजन म्हारे समझ ना आये,
भाव में तो हिवड़ो भर-भर आये |
बोल कितना आँसुड़ा बहाऊँ सांवरा,
बोल तन्ने की कर रिझाऊं सांवरा ||

हर्ष भरूं या सिणगार मैं गाऊं,
किन विधि थारा वारणा उतारूँ,
शब्द के सिणगार के सजाऊँ सांवरा,
बोल तन्ने की कर रिझाऊं सांवरा ||

तन-मन-धन श्याम तेरो है,
कुछ भी नहीं प्रभु मेरो है,
चरणां में भेंट के चढाऊँ सांवरा,
बोल तन्ने की कर रिझाऊं सांवरा ||
 
कृष्णा को साँवरा इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनका रंग सांवला था। महाभारत के अनुसार, कृष्णा का रंग "घनश्याम" था, जिसका अर्थ है "गहरा काला"। कृष्णा के सांवले रंग को उनकी माँ देवकी के गर्भ में रहते हुए कंस के विष के कारण कहा जाता है। कंस ने कृष्ण को मारने के लिए देवकी के गर्भ में विष डाला था, लेकिन कृष्ण ने विष को अपने शरीर में सोख लिया और अपना रंग सांवला कर लिया।

Ubu Thari Hajri Bajaun Sanwara By Azhar Ali ( Khatuwale )

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