ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का सोंग

ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का मस्तानों का

ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का
इस देश का यारों क्या कहना, ये देश है दुनिया का गहना

यहाँ चौड़ी छाती वीरों की, यहाँ भोली शक्लें हीरों की
यहाँ गाते हैं राँझे मस्ती में, मचती में धूमें बस्ती में

पेड़ों में बहारें झूलों की, राहों में कतारें फूलों की
यहाँ हँसता है सावन बालों में, खिलती हैं कलियाँ गालों में

कहीं दंगल शोख जवानों के, कहीं करतब तीर कमानों के
यहाँ नित नित मेले सजते हैं, नित ढोल और ताशे बजते हैं

दिलबर के लिये दिलदार हैं हम, दुश्मन के लिये तलवार हैं हम
मैदां में अगर हम डट जाएं, मुश्किल है कि पीछे हट जाएं
 

Yeh Desh Hai Veer Jawanon Ka | Naya Daur | Dilip Kumar | Vyjayantimala | Patriotic Song 2025
 
“ये देश है वीर जवानों का” एक जोशीला और देशभक्ति से भरा गीत है, जो भारत की शान, इसके वीरों की बहादुरी, और यहाँ की मस्ती भरी संस्कृति का गान करता है। यह ऐसा है, जैसे कोई देश के गौरव को गर्व से बयान कर रहा हो, मानो हर पंक्ति में भारत की आत्मा झलक रही हो। गीत का यह कहना कि यह देश दुनिया का गहना है, उस गहरे प्रेम और गर्व को दर्शाता है, जो हर भारतीय के दिल में अपनी मातृभूमि के लिए है।

चौड़ी छाती वाले वीर और भोली शक्लों वाले हीरे उस साहस और सादगी को उजागर करते हैं, जो इस देश की पहचान है। राँझों की मस्ती और बस्तियों का उल्लास उस जीवंत संस्कृति को दिखाता है, जैसे कोई गाँव के मेले में नाच-गान के रंग में डूबा हो। पेड़ों में झूलों की बहार और गालों पर खिलती कलियाँ उस प्राकृतिक सौंदर्य और जीवन की मधुरता को प्रकट करती हैं, जो भारत की हर गली में बसी है।

दंगल, तीर-कमान के करतब, और मेले की रौनक उस उत्साह और परंपरा को जीवंत करती है, जो इस देश की शान है। यह ऐसा है, जैसे कोई हर पल उत्सव में जी रहा हो। दिलबर के लिए दिलदार और दुश्मन के लिए तलवार होने का भाव उस दोहरे स्वभाव को दर्शाता है, जो प्रेम में उदार और युद्ध में अडिग है। मैदान में डटकर न हटने की बात उस वीरता को दिखाती है, जैसे कोई योद्धा अपने देश के लिए जान की बाजी लगा दे।
 
Song: Yeh Desh Hai Veer Jawanon Ka | देश है वीर जवानों का
Film: Naya Daur (1957)
Singer: Mohammed Rafi, Balbir
Music Director: Omkar Prasad Nayyar
Lyricist: Sahir Ludhianvi
 
Next Post Previous Post