मत मारो श्याम पिचकारी भजन

मत मारो श्याम पिचकारी भजन

 
मत मारो श्याम पिचकारी लिरिक्स Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics

मत मारो श्याम पिचकारी,
ओ, मत मारो श्याम पिचकारी,
मोरी भीगे चुनरियाँ सारी,
सारी रै,
मत मारो श्याम पिचकारी।

घूँघट खोल, कही है मौ से गोरी,
हँस मुस्काय, मली है मुख रोरी,
लपक झपक मोरी बईया मरोड़ गयो,
और छाती पे चलाइयो हाथ,
मोहन माला तोड़ गयो,
मेरे संग की सहेली पीटे ताली,
मत मारो श्याम पिचकारी।

रंग बिरंगी कली मैं सहेली,
कान्हा ने मोहे जान के अकेली,
रस रागनी सुनाई मोहे,
प्रेम में मगन भई,
बाँवरी बनाय मोहे,
मेरी सारी सूरत बिगाड़ी,
श्याम पिचकारी,
मत मारो श्याम पिचकारी।

केसर रंग कनक पिचकारी,
आये अचानक मेरे मुख पे मारी,
ऐसी मारी पिचकारी काँप उठी एक संग,
मोपे करि भरी जोरि ढाल के रंगेलो रंग,
मेरी सास लड़ेगी देगी गाली,
मत मारो श्याम पिचकारी।

उड़त गुलाल लाल भये बादल,
गूंज उठे जमुना के कादर,
बजत मृदंग चंग ढप ढोलक खड़ताल,
होली को खिलैया पप्पू,
नाँच रहो दे दे ताल,
खींचो लाला की रंगत न्यारी,
मत मारो श्याम पिचकारी।
 
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