जब दिन गर्दिश के थे ना कोई पूछने भजन
जब दिन गर्दिश के थे ना कोई पूछने वाला था भजन
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
दाने~दाने के लिए,
मैं गुहार लगाता था,
कोई साथ तो दो मेरा,
मैं पुकारा लगाता था,
भूखे ही सोते थे,
ना पास निवाला वाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
मैं भूला नहीं कुछ भी,
सब कुछ है याद मुझे,
अपनों ने छोड़ा था,
करके बर्बाद मुझे,
मेरी लाज को जब जग ने,
सरेआम उछाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
मेरी मजबूरी का,
सब लाभ उठाते थे,
मुझे अपने इशारों पे,
ये खूब नचाते थे,
सबने मुझसे अपना,
बस काम निकाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
जिन्हें सोचता था मैं खरा,
वो असल में खोटे थे,
झूठी हमदर्दी के,
चेहरों पे मुखौटे थे,
हर अपने ने माधव,
मुश्किल में डाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
ना कोई पूछने वाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
दाने~दाने के लिए,
मैं गुहार लगाता था,
कोई साथ तो दो मेरा,
मैं पुकारा लगाता था,
भूखे ही सोते थे,
ना पास निवाला वाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
मैं भूला नहीं कुछ भी,
सब कुछ है याद मुझे,
अपनों ने छोड़ा था,
करके बर्बाद मुझे,
मेरी लाज को जब जग ने,
सरेआम उछाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
मेरी मजबूरी का,
सब लाभ उठाते थे,
मुझे अपने इशारों पे,
ये खूब नचाते थे,
सबने मुझसे अपना,
बस काम निकाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
जिन्हें सोचता था मैं खरा,
वो असल में खोटे थे,
झूठी हमदर्दी के,
चेहरों पे मुखौटे थे,
हर अपने ने माधव,
मुश्किल में डाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था,
उस वक्त मुझे बाबा,
तूने ही संभाला था,
जब दिन गर्दिश के थे,
ना कोई पूछने वाला था।।
Tune Hi Sambhala || Abhishek Sharma "Madhav" || तूने ही संभाला || Latest Shyam Baba Bhajan
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Title: Tune Hi Sambhala
Singer & Lyrics : Abhishek Sharma "Madhav"
Music: Dipankar Saha
Video: Tarun Creations
Camera : Surya Jaiswal
Category: Hindi Devotional( Shyam Baba Bhajan)
Producers: Rudra Gupta, Madhav Gupta
Singer & Lyrics : Abhishek Sharma "Madhav"
Music: Dipankar Saha
Video: Tarun Creations
Camera : Surya Jaiswal
Category: Hindi Devotional( Shyam Baba Bhajan)
Producers: Rudra Gupta, Madhav Gupta
जब दिन बहुत बुरे थे, चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था और कोई पूछने वाला भी नहीं था, तब बाबा माधव ने ही हाथ थाम लिया। भूखे पेट सोना पड़ता था, दाने-दाने के लिए गुहार लगानी पड़ती थी, पर बाबा ने कभी अकेला नहीं छोड़ा। अपनों ने छोड़ दिया, जग ने लाज उछाल दी, मजबूरी का फायदा उठाया और इशारों पर नचाया, फिर भी बाबा चुपचाप साथ खड़े रहे।
हर वो चेहरा जो खरा लगता था, असल में झूठी हमदर्दी का मुखौटा पहने था। मुश्किल के वक्त सबने पीठ दिखा दी, पर बाबा ने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा। उन्होंने सिर पर हाथ रखा, दिल को सहारा दिया और उस घड़ी में जो कोई नहीं था, वही बाबा सब कुछ बन गए। आज भी याद करके आँखें नम हो जाती हैं कि कितनी मुसीबत में भी वे कभी नहीं छोड़े।
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Author - Saroj Jangir
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