इक ओंकार सतनाम करता पुरख मीनिंग
इक ओंकार सतनाम लिरिक्स करता पुरखु मूल मंत्र मीनिंग
इक्क ओंकार सत नाम
करता पुरख
निरभऊ निरबैर
अकाल मूरत
अजूनी सैभं
गुर प्रसाद ॥
आदि सच सच जुगादी सच ,
है भी सच , नानक होसी भी सच
सोचै सोचि न होवई जे सोची लख वार ॥
चुपै चुप न होवई जे लाइ रहा लिव तार
भुखिया भूख न उतरि जे बन्ना पुरिआ भार।
सहस सिआणपा लख होहि त इक न चलै नालि
किव सचिआरा होइये किव कूड़े तुटे पालि।
हुकुमि रजाई चलना नानक लीखिया नालि।
करता पुरख
निरभऊ निरबैर
अकाल मूरत
अजूनी सैभं
गुर प्रसाद ॥
आदि सच सच जुगादी सच ,
है भी सच , नानक होसी भी सच
सोचै सोचि न होवई जे सोची लख वार ॥
चुपै चुप न होवई जे लाइ रहा लिव तार
भुखिया भूख न उतरि जे बन्ना पुरिआ भार।
सहस सिआणपा लख होहि त इक न चलै नालि
किव सचिआरा होइये किव कूड़े तुटे पालि।
हुकुमि रजाई चलना नानक लीखिया नालि।
Ik Onkar Jaspinder Narula/Miss Pooja
ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ
ਕਰਤਾ ਪੁਰਖੁ
ਨਿਰਭਉ ਨਿਰਵੈਰੁ
ਅਕਾਲ ਮੂਰਤਿ
ਅਜੂਨੀ ਸੈਭੰ
ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥
ਕਰਤਾ ਪੁਰਖੁ
ਨਿਰਭਉ ਨਿਰਵੈਰੁ
ਅਕਾਲ ਮੂਰਤਿ
ਅਜੂਨੀ ਸੈਭੰ
ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥
एक ही परमात्मा है, जिसका नाम सत्य है; वह सृष्टिकर्ता पिता है, निर्भय, शत्रु रहित, काल से परे रूपवान, जन्म-मृत्यु से परे स्वयंभू और गुरु की कृपा से प्राप्त होता है। आगे "आदि सचु जुगादि सचु हाई भी सचु नानक होसी भी सचु" से स्पष्ट है कि प्रभु आदि से सत्य, युगों से सत्य, अब सत्य है और भविष्य में भी सत्य रहेगा।
एक परमात्मा, जिसका नाम सत्य है
सृजनकर्ता पुरुष
निर्भय, द्वेष-रहित
अकाल मूर्ति (सनातन छवि)
अजन्मा स्वयंभु (स्वयं से उत्पन्न हुआ)
गुरु-कृपा से प्राप्त ॥
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- गुरु नानक फड़ लई बांह जी हुन डर कादा Guru Nanak Fad Layi Baanh Hun Dar Kada
- जेड़ा पानी उते पथरा नु तारदा Jeda Pani Pathara Nu Tarda
- अरदास करा अरदास करा भजन Ardas Karan Ardas Karan Bhajan
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Author - Saroj Jangir
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