सुख के सब साथी दुःख में न कोई भजन

सुख के सब साथी दुःख में न कोई भजन

 
सुख के सब साथी दुःख में न कोई लिरिक्स Sukh Ke Sab Saathi Dukh Mein Na Koi Lyrics

सुख के सब साथी दुःख में न कोई
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम एक साझा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।

जीवन आनी जानी छाया,
झूठी माया झूठी काया
फिर काहे को सारी उमरिया,
पाप की गठरी ढोई,
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।
सुख के सब साथी दुःख में न कोई
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम एक साझा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।

ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा,
 ये जग जोगी वाला फेरा,
राजा हो या रंक सभी का,
अंत एक सा होई
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।
सुख के सब साथी दुःख में न कोई
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम एक साझा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।

बाहर की तू माटी फाके,
मन के भीतर क्यों न झांके,
उजले तन पर मान किया,
और मन की मेल ना धोई
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।
सुख के सब साथी दुःख में न कोई
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम एक साझा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।

सुख के सब साथी दुःख में न कोई
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम एक साझा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुःख में न कोय।

सुख के क्षणों में तो अनेक सखा संग मिलते हैं, किंतु दुख की काली रात्रि में वही साथ छोड़ जाते हैं, जिससे मानव की एकाकीता और विश्वासघात का कटु अनुभव उभरता है। यह दर्शाता है कि सच्ची मित्रता वह नहीं जो सुख-सुविधा के लोभ में बंधी रहे, अपितु जो विपत्ति के तूफानों में भी अटल भाव से सहारा दे, क्योंकि असली बंधन तो परमात्मा के प्रति समर्पण से ही जन्म लेता है, जो कभी न डगमगाए। भजन का भाव हमें सिखाता है कि दुख ही वह परीक्षा-पटल है जहां झूठे संबंध तार-तार हो जाते हैं, और सत्य की पहचान होती है, अतः जीवन-पथ पर हमें ईश्वर-भक्ति को ही एकमात्र शाश्वत साथी बनाना चाहिए, जो हर सुख-दुख में अविचलित रहकर आत्मा को शांति प्रदान करे। यह संदेश भक्ति मार्ग की ओर प्रेरित करता है, जहां मानवीय संबंधों की नश्वरता के पार दिव्य प्रेम की अनंतता दिखाई देती है।


Sonu Nigam (Live Performance) - Sukh Ke Sab Saathi
 
Sukh Ke Sab Saathee Duhkh Mein Na Koee
Mere Raam Mere Raam,
Tera Naam Ek Saajha Dooja Na Koee,
Sukh Ke Sab Saathee Duhkh Mein Na Koy.

Sonu Nigam (Live Performance) - Sukh Ke Sab Saathi
Beautiful and Soulful Bhajan presented by Sonu Nigam at the Lotus Feet of Bhagwan Sri Sathya Sai Baba.
Bombay Exhibition Centre, Mumbai
30th october 2009

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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