मेरो मन राम हि राम रटै रे राम नाम जप भजन
राम नाम जप लीजे प्राणी कोटिक पाप कटै रे।
जनम जनमके खत जु पुराने नामहि लेत फटै रे।।
कनक कटोरे इम्रत भरियो पीवत कौन नटै रे।
मीरा कहे प्रभु हरि अबिनासी तन मन ताहि पटै रे।
मेरो मन रामहि राम रटै रे।
राम नाम जप लीजे प्राणी कोटिक पाप कटै रे।
जनम जनमके खत जु पुराने नामहि लेत फटै रे।।
कनक कटोरे इम्रत भरियो पीवत कौन नटै रे।
मीरा कहे प्रभु हरि अबिनासी तन मन ताहि पटै रे।
Mero Man Ram Hi Rate Re Mero Man Ram Hi Rate Re Anuradha Paudwal
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Mero Man Ram Hi Rate Re · Anuradha Paudwal
Shree Ram Bhajan
℗ Super Cassettes Industries Limited
Released on: 1991-01-01
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राम नाम जपते ही मन को एक अजीब सुकून मिलता है, जैसे कोटि पापों का बोझ हल्का पड़ जाए। पुराने जन्मों के खत नाम की धार से फट जाते हैं, सोने के कटोरे में अमृत पीने जैसा आनंद छा जाता है। कोई न झिझके ऐसे प्यार से भर जाए। इश्वर का आशीर्वाद हर जप में बरसता रहता है।
मीरा की तरह हरि का सच्चा स्वरूप पा लें तो तन-मन पट जाता है, नश्वर सब भूलकर अनादी में रम जाए। साधक को लगता है जैसे हर सांस में वही बस गया हो। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री राम जी की। राम नाम जब मन में बस जाता है तो सारी दुनिया हल्की लगने लगती है। हर सांस में बस वही नाम गूंजता रहता है। जन्म-जन्म के पुराने पाप और कष्ट, नाम लेते ही जैसे कट जाते हैं। सोने के कटोरे में अमृत भरा हो, फिर भी वो मीठा प्याला कौन नहीं पीना चाहेगा। राम नाम वैसा ही अमृत है, जो पी ले, उसका तन-मन दोनों संवर जाते हैं।
मीरा जी की तरह जब प्रभु हरि को अपना बना लिया, तो फिर दुनिया की कोई चिंता नहीं रहती। मन बार-बार राम-राम रटता रहता है। दिन हो या रात, काम हो या आराम, हर पल में वही नाम साथ रहता है। इससे मिलने वाला सुकून कुछ और ही है। सारी थकान मिट जाती है, दिल हल्का हो जाता है और जीवन आसान लगने लगता है।
