रमैया बिन यो जिवडो दुख पावै भजन

रमैया बिन यो जिवडो दुख पावै भजन

 
रमैया बिन यो जिवडो दुख पावै Ramaiya Bin Yo Jivado Dukh Pave  Meera Bhajan Lyrics

 रमैया बिन यो जिवडो दुख पावै। कहो कुण धीर बंधावै,
यो संसार कुबुधि को भांडो साध संगत नहीं भावै,
राम-नाम की निंद्या ठाणै करम ही करम कुमावै,
राम-नाम बिन मुकति न पावै फिर चौरासी जावै,
साध संगत में कबहुं न जावै मूरख जनम गुमावै,
मीरा प्रभु गिरधर के सरणै जीव परमपद पावै,

O RAMAIYYA BIN NEEND NA AAVE -LATA JI -MEERA BAI -PT. HRIDAYANATH JI ( MEERA BHAJANS 1969 )

Ramaiya Bin Yo Jivado Dukh Paavai. Kaho Kun Dheer Bandhaavai,
Yo Sansaar Kubudhi Ko Bhaando Saadh Sangat Nahin Bhaavai,
Raam-naam Kee Nindya Thaanai Karam Hee Karam Kumaavai,
Raam-naam Bin Mukati Na Paavai Phir Chauraasee Jaavai,
Saadh Sangat Mein Kabahun Na Jaavai Moorakh Janam Gumaavai,
Meera Prabhu Giradhar Ke Saranai Jeev Paramapad Paavai, 
 
SINGER : LATA JI
LYRICS : MEERA BAI
MUSIC : PANDIT HRIDAYANATH MANGESHKAR JI
NON FILM ALBUM ( MEERA BHAJANS 1969 )

राम नाम के बिना ये जीवन दुखों का सागर सा लगता है, कौन धीरज बांधे इसे। संसार का बुद्धू बर्तन टूटा-फूटा है, साधु-संतों की संगत भाती ही नहीं। राम नाम की निंदा ठहरती है, कर्म ही बिगाड़ते जाते हैं, बिना नाम के मुक्ति नसीब न होती तो चौरासी का चक्कर फिर लगाना पड़ता।

साध संगत से दूर रहकर मूरख जन्म नष्ट कर देता है, मीरा कहती हैं गिरधर की शरण में ही परम पद मिलता है। इश्वर का आशीर्वाद हर पुकार पर बरसता रहता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गिरधर जी की। रमैया के बिना यह जीव बड़ा दुख पाता है। संसार तो कुबुद्धि का भांडा है, इसमें साध-संगत का रस ही नहीं लगता। लोग राम-नाम की निंदा करते हैं, सिर्फ कर्मों में उलझे रहते हैं। राम-नाम छोड़कर मुक्ति नहीं मिलती, फिर चौरासी के फेर में पड़ना पड़ता है। मूरख जनम गंवा देते हैं, साध-संगत में कभी जाते ही नहीं।
पर जो मीरा की तरह गिरधर प्रभु की शरण में चला जाता है, उसका जीव परमपद पा लेता है। राम-नाम की डोर थाम लेने पर सारा दुख कट जाता है, मन को ऐसा सुकून मिलता है कि संसार की कोई भी उलझन छू नहीं पाती। बस एक बार नाम में लीन हो जाओ, तो जीवन का हर पल मीठा हो जाता है।


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