जग का प्राणी नहीं दुखी है हम भी दुखी भजन
जग का प्राणी नहीं दुखी है हम भी दुखी संसार में भजन
एक दिन ब्रह्मा विष्णु शंकर,
बैठे सोच विचार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
ब्रह्मा जी यूं कहने लगे हैं,
सुनो बात मेरी धर ध्यान,
मेरी पत्नी सरस्वती जी,
मूढ़ मति को देती ज्ञान,
वो नर हो जाता अभिमानी,
वीणा के उस तार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
अब बारी मेरी है आई,
विष्णु जी यूं बोल रहे,
चोर उचक्के पापी के घर,
लक्ष्मी जी यूं डोल रहे,
कहीं जुआरी के संग जाए,
कहीं चले उधार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
इन दोनों की बातें सुनकर,
भोले जी का है कहना,
मोर नाग मूषक नंदी का,
मेरे घर पर है रहना,
सिंह गर्जना कारण देखो,
फूट डली परिवार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
नारद मुनि जी छिपकर बैठे,
सामने आकर मुस्काए,
देवलोक में बतलाऊंगा,
मुंह उत्तर उनके आए,
मितु पंडित नारद जी ने,
किया मखौल ये प्यार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
एक दिन ब्रह्मा विष्णु शंकर,
बैठे सोच विचार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
बैठे सोच विचार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
ब्रह्मा जी यूं कहने लगे हैं,
सुनो बात मेरी धर ध्यान,
मेरी पत्नी सरस्वती जी,
मूढ़ मति को देती ज्ञान,
वो नर हो जाता अभिमानी,
वीणा के उस तार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
अब बारी मेरी है आई,
विष्णु जी यूं बोल रहे,
चोर उचक्के पापी के घर,
लक्ष्मी जी यूं डोल रहे,
कहीं जुआरी के संग जाए,
कहीं चले उधार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
इन दोनों की बातें सुनकर,
भोले जी का है कहना,
मोर नाग मूषक नंदी का,
मेरे घर पर है रहना,
सिंह गर्जना कारण देखो,
फूट डली परिवार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
नारद मुनि जी छिपकर बैठे,
सामने आकर मुस्काए,
देवलोक में बतलाऊंगा,
मुंह उत्तर उनके आए,
मितु पंडित नारद जी ने,
किया मखौल ये प्यार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
एक दिन ब्रह्मा विष्णु शंकर,
बैठे सोच विचार में,
जग का प्राणी नहीं दुखी है,
हम भी दुखी संसार में।।
Koun Dukhi Sansar Mein |Tridevon Ki Varta Laap | Mitu Pandit |Shiv Vishnu Brahma Samvad #bhajan2026
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Song: Koun Dukhi Sansar Mein (Tridevon Ki Varta Laap)
Lyrics: Mitu Pandit Bhiwani (9729176791)
Singer: Mitu Pandit Bhiwani (9729176791)
Music: Yogesh Bajaj
Video:
Poster: Poonam
Category: Hindi Devotional
Producers: Mitu pandit mb.(9729176791)
Label: Bhajan Pravah
Lyrics: Mitu Pandit Bhiwani (9729176791)
Singer: Mitu Pandit Bhiwani (9729176791)
Music: Yogesh Bajaj
Video:
Poster: Poonam
Category: Hindi Devotional
Producers: Mitu pandit mb.(9729176791)
Label: Bhajan Pravah
ब्रह्मा विष्णु शंकर भी बैठे सोचते कि जग के प्राणी सुखी काहे न हों, हम देवता दुख पालें। सरस्वती ज्ञान देतीं तो अभिमान चढ़ आता, लक्ष्मी चोर उचक्कों के घर डोलतीं, भोले के घर मोर नाग मूषक नंदी आपस में झगड़ पड़ते। नारद मुस्कुराए छिपकर देख लिया ये मखौल, प्यार में सबकी मजबूरी खोल दी। इश्वर का आशीर्वाद है, जो दुखों को भी हंसी में बदल देता।
ये लीला दिखाती है नाकामी का दर्द तो सबके पास आता, बस स्वीकार कर हंस लो। हमें बताते हैं कि सच्ची शांति तो मन की साफ-सफाई से मिलती, झगड़े छोड़ प्रेम फैलाओ। जरा मुस्कुरा लो मुश्किल में, जीवन रंगीन लगे। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शांति मिले। जय भोले नाथ जी की!
ये लीला दिखाती है नाकामी का दर्द तो सबके पास आता, बस स्वीकार कर हंस लो। हमें बताते हैं कि सच्ची शांति तो मन की साफ-सफाई से मिलती, झगड़े छोड़ प्रेम फैलाओ। जरा मुस्कुरा लो मुश्किल में, जीवन रंगीन लगे। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शांति मिले। जय भोले नाथ जी की!
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