तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का

 
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का लिरिक्स Tune Ajab Racha Bhagwan Khilona Lyrics

तूने अजब रचा भगवान
खिलौना माटी का
माटी का रे माटी का
तूने अजब रचा भगवान
खिलौना माटी का
कान दिए हरि भजन सुनन को
तू मुख से कर गुनगान
खिलौना माटी का...माटी का रे माटी का
जिव्हा दी हरि भजन करन को
दी आँखें कर पहचान
खिलौना माटी का
शीश दिया हरि चरण झुकन को
और हाथ दिए कर दान
खिलौना माटी का...माटी का रे माटी का
सत्य नाम का बना ले बेडा
और उतरे भव से पार
खिलौना माटी का ...माटी का रे माटी का
तूने अजब रचा भगवान
खिलौना माटी का


Tune Ajab Racha Bhagwan Khilona By Tripti Shaqya [Full Song] I Kabhi Ram Banke Kabhi Shyam Banke
 
यह मानव देह, जो माटी का खिलौना है, प्रभु की अद्भुत रचना है, जिसे उन्होंने भक्ति और सेवा के लिए सजाया है। यह शरीर क्षणभंगुर है, परंतु इसे प्रभु ने कान, आँखें, जिह्वा, शीश और हाथ जैसे अनमोल उपहारों से सुसज्जित किया है, ताकि साधक हरि भजन में लीन हो, प्रभु का गुणगान करे और सत्य को पहचान सके। यह रचना सिखाती है कि मानव जीवन का असली उद्देश्य प्रभु की भक्ति, दान और सेवा में समर्पित होना है, जिससे वह भवसागर से पार उतर सके।

प्रभु ने इस माटी के खिलौने को सत्य नाम का बेड़ा बनाने का मार्ग दिखाया है, जो साधक को संसार के बंधनों से मुक्त करता है। कान हरि भजन सुनने के लिए, जिह्वा उनका गुणगान करने के लिए, आँखें सत्य को देखने के लिए, शीश उनके चरणों में झुकने के लिए और हाथ दान देने के लिए हैं। जो साधक इस देह का उपयोग प्रभु की भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने में करता है, वह अपने जीवन को सार्थक बनाता है। सत्य नाम का जप और प्रभु के प्रति समर्पण ही वह शक्ति है, जो इस नश्वर माटी के खिलौने को अमरता की ओर ले जाती है और भवसागर से पार उतारती है।
 
यह भजन बहुत ही लोकप्रिय है और इसे गायिका तृप्ति शाक्य ने गाया है, जबकि इसका संगीत धनंजय मिश्रा ने तैयार किया है और इसे टी-सीरीज़ ने रिलीज़ किया है। इस भजन का मुख्य सार यह है कि भगवान ने मनुष्य को मिट्टी से एक खिलौने के रूप में बनाया है और हमें शरीर के हर अंग को ईश्वर के बताए रास्ते पर इस्तेमाल करना चाहिए। यह भजन हमें याद दिलाता है कि हमारे पास कान भजन सुनने के लिए, जीभ हरि का गुणगान करने के लिए, आँखें सही-गलत की पहचान करने के लिए, सिर ईश्वर के चरणों में झुकाने के लिए, और हाथ दान-पुण्य करने के लिए हैं। शरीर का उपयोग सत्य के मार्ग पर चलकर जीवन के भवसागर को पार करने में करना चाहिए।  
 
Album Name: Kabhi Ram Banke Kabhi Shyam Banke
Singer : Tripti Shakya
Music Director: Dhananjay Mishra
Music Label: T-Series 
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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