या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण मीनिंग

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण मीनिंग

 
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता Ya Devi Sarvbhuteshu Shakti Rupen Sansthita Lyrics

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरुपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरुपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषुच्छायारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारुपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः



 
Durga Mantra by Priyanka Singh | या देवी सर्वभूतेषु - माँ दुर्गा मंत्र | Durga Puja Mantra

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण मीनिंग
 
१. या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: या = जो; देवी = देवी; सर्वभूतेषु = सभी भूतों/प्राणियों में; शक्ति = शक्ति/ऊर्जा; रूपेण = रूप में; संस्थिता = स्थित/निवास करती हुई।
जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
अर्थ: उनको नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार, नमो नमः।

२. या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता
शब्दार्थ: विष्णुमाया = विष्णु की माया/अज्ञान का कारण; इति = इस प्रकार; शब्दिता = कही/नाम से जानी।
जो देवी सभी प्राणियों में विष्णु की माया के नाम से कहा जाती हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

३. या देवी सर्वभूतेषु चेतनेति अभिधीयते
शब्दार्थ: चेतना = चेतना/सचेतनता; इति = इस प्रकार; अभिधीयते = नाम से पुकारित होती है।
जो देवी सभी प्राणियों में चेतना के नाम से अभिधानित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

४. या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: बुद्धि = बुद्धि/विवेक; रूपेण = रूप में; संस्थिता = स्थित।
जो देवी सभी प्राणियों में बुद्धि के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

५. या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: क्षुधा = भूख; रूपेण = रूप में।
जो देवी सभी प्राणियों में भूख के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

६. या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: छाया = छाया/परछाईं।
जो देवी सभी प्राणियों में छाया के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

७. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: शक्ति = सामर्थ्य/शक्ति (यहाँ भिन्न संदर्भ में ऊर्जा से अलग, क्षमतावान शक्ति)।
जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

८. या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: तृष्णा = प्यास/लालसा।
जो देवी सभी प्राणियों में तृष्णा के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

९. या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: क्षान्ति = क्षमा/धैर्य।
जो देवी सभी प्राणियों में क्षान्ति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१०. या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: जति = जाति/कुल/गोत्र।
जो देवी सभी प्राणियों में जाति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

११. या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: लज्जा = लज्जा/शर्म।
पंक्ति-अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में लज्जा के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
१२. या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: शान्ति = शान्ति/शाम।
पंक्ति-अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में शान्ति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१३. या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: श्रद्धा = श्रद्धा/विश्वास।
जो देवी सभी प्राणियों में श्रद्धा के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१४. या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: कान्ति = कान्ति/सौंदर्य/आभा।
जो देवी सभी प्राणियों में कान्ति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१५. या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: लक्ष्मी = लक्ष्मी/सम्पदा।
जो देवी सभी प्राणियों में लक्ष्मी के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१६. या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: वृत्ति = वृत्ति/व्यवहार/भाव।
जो देवी सभी प्राणियों में वृत्ति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१७. या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: स्मृति = स्मृति/स्मरण शक्ति।
जो देवी सभी प्राणियों में स्मृति के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१८. या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: दया = दया/करुणा।
जो देवी सभी प्राणियों में दया के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

१९. या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: तुष्टि = तुष्टि/सन्तोष।
जो देवी सभी प्राणियों में तुष्टि के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

२०. या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता
शब्दार्थ: मातृ = माता/मातृत्व।
जो देवी सभी प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

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