हीर पंजाबी लोकगीत अर्थ जानिये
'हीर' पंजाबी लोकगीत मीनिंग
हीर रांझा के इस गीत को कई गायकों के द्वारा गाया गया है, जिनमे स्वाभाविक रूप से शब्दों का कुछ फेर बदल है। मसलन गुरुदास मान साहब के हीर/ पाकिस्तान के गायकों आदि के गीतों में आपको क्षेत्रीय स्तर पर कुछ शब्द का जुड़ाव हो जाता है लेकिन हीर गीत मूल रूप से 1766 में वारीस शाह के द्वारा लिखा गया है और इसकी खूबशूरती है की यह लयात्मक और गीतात्मक है। यहाँ पर आप जसबीर जस्सी के द्वारा गाये गए हीर गीत को हिंदी में देख सकते हैं।
रांझा को जब हीर के गाँव (Sayyal clan in Jhang, Punjab, Pakistan) से निकाल दिया जाता है और उसे हीर से मिलने नहीं दिया जाता है तो वह दुखी होकर जोग (योग) लेने के लिए गुरु गोरक्ष नाथ जी (गोरख नाथ जी टिल्ला जोगियान Bhera, Sargodha District, Punjab ) के पास चला जाता है और यही से वह जोगी बनकर गाँव गाँव भटकने लगता है। इसी दौरान वह हीर के गाँव पहुँच जाता है और जब वह हीर से मिलता है तो उस वक़्त से जुडा हुआ यह गीत है। रांझा के लौटने पर हीर के माता पिता इस बात के लिए राजी हो जाते हैं की रांझा का विवाह हीर से कर दिया जाय लेकिन विवाह के रोज हीर के ईर्ष्यालु चाचा 'कैदो' जहर मिले लड्डू हीर को खिला देता है और वह दम तोड़ देती है। दुखी होकर रांझा भी वही जहरीले लड्डू खाकर हीर के साथ ही चल पड़ता है। सयाल कलां, झग (हीर के गाँव में ) में हीर और रांझा की मजार है जहाँ पर आज भी हजारों रूहानी नाते को समझने वाले लोग मजार पर सर झुका कर आते हैं।
रांझा को जब हीर के गाँव (Sayyal clan in Jhang, Punjab, Pakistan) से निकाल दिया जाता है और उसे हीर से मिलने नहीं दिया जाता है तो वह दुखी होकर जोग (योग) लेने के लिए गुरु गोरक्ष नाथ जी (गोरख नाथ जी टिल्ला जोगियान Bhera, Sargodha District, Punjab ) के पास चला जाता है और यही से वह जोगी बनकर गाँव गाँव भटकने लगता है। इसी दौरान वह हीर के गाँव पहुँच जाता है और जब वह हीर से मिलता है तो उस वक़्त से जुडा हुआ यह गीत है। रांझा के लौटने पर हीर के माता पिता इस बात के लिए राजी हो जाते हैं की रांझा का विवाह हीर से कर दिया जाय लेकिन विवाह के रोज हीर के ईर्ष्यालु चाचा 'कैदो' जहर मिले लड्डू हीर को खिला देता है और वह दम तोड़ देती है। दुखी होकर रांझा भी वही जहरीले लड्डू खाकर हीर के साथ ही चल पड़ता है। सयाल कलां, झग (हीर के गाँव में ) में हीर और रांझा की मजार है जहाँ पर आज भी हजारों रूहानी नाते को समझने वाले लोग मजार पर सर झुका कर आते हैं।
हीर आखदी वे जोगिया वे झूठ बोले
वे कौन रूठड़े यार मनावन्दा ई
वे ऐसा कोई ना मिलिया वे मैं ढूंढ थकी, हाँ.............
वे कौन रूठड़े यार मनावन्दा ई
वे ऐसा कोई ना मिलिया वे मैं ढूंढ थकी, हाँ.............
हीर जोगी (यहाँ जोगी रांझा ही है, जो जोगी बनकर भटकता हुआ हीर के गाँव में पहुच जाता है ) को कहती है की तुम झूठ बोलते हो। रूठे हए यार (दोस्त) को कौन मनाता है ? मैं ढूंढ कर थक गयी हूँ जो गए हुए (रूठकर चले गए यार ) को वापस मौड़ कर लेकर आ जावे। भाव है की कोई रूठे हुए यार को मनाने वाला नहीं है।
साडे चम दियां जूतियाँ करे कोई
जेड़ा ज्यू दा रोग गवावन्दा ई
भला दस खा चीरे विचरे नु
कदों रब सच्चा घर लेआवन्दा ई
जेड़ा ज्यू दा रोग गवावन्दा ई
भला दस खा चीरे विचरे नु
कदों रब सच्चा घर लेआवन्दा ई
हिंदी अर्थ : मेरे चंम (चमड़ी) की वो जूतियाँ कर सकता है जो इस रोग को दूर कर दे। बता, कब सच्चा रब्ब बिछड़े यार को घर लेकर आता है।
साडा ज्यू दा मान जेड़ा आन मेले
सर सदका ओसदे नाम दा ई
भला मोये ते विछड़े कौन मेले
ऐंवे ज्यूदा लोग वल लवांवंदा ई
सर सदका ओसदे नाम दा ई
भला मोये ते विछड़े कौन मेले
ऐंवे ज्यूदा लोग वल लवांवंदा ई
हिंदी मीनिंग : जो मेरे दिल के टुकड़े को मुझसे मिला दे मैं उसके आगे सदका करुं। गए हुए बिछड़े को कौन मिलाता है और ऐसे ही जीवन में ये सब ट्विस्ट हो जाता है।
एक जट्ट दे खेत नूं अग्ग लगी
वेखा आईके कदो भुजावंदा ई
एक बाज तो को ने कूँझ खोई , हां
वेखा चुप है की कूलावंदा ई
देवां चूरियाँ गेवे बाल दिवे
वेखा आईके कदो भुजावंदा ई
एक बाज तो को ने कूँझ खोई , हां
वेखा चुप है की कूलावंदा ई
देवां चूरियाँ गेवे बाल दिवे
हिंदी मतलब : वारिस साह जे सूना में आँव दा ई एक जट्ट के खेत को आग लगी है, देखें कब आकर के इसे बुझाता है। गेंहू के बाल की बनी चूरी मैं उसे खिलाती हूँ।
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Lyrics of Heer (Jugni) - हीर आखदी जोगिया झूठ बोले
heer aakhdi jogiya jhuth bole
re kaun roothde yaar manaam da aye
ha aisa koi ni miliya main dhundh thaki
ho ki jeda gaya nu mod le aunda aye
gaya nu mod le aunda aye
re kaun roothde yaar manaam da aye
ha aisa koi ni miliya main dhundh thaki
ho ki jeda gaya nu mod le aunda aye
gaya nu mod le aunda aye
Song: Heer
Singer: Jasbir Jassi
Album: Just Jassi-Koka Tera Koka
Music Label: T-Series
Singer: Jasbir Jassi
Album: Just Jassi-Koka Tera Koka
Music Label: T-Series
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Author - Saroj Jangir
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