माई म्हारो सुपनामा परनेया रे दीनानाथ भजन

माई म्हारो सुपनामा परनेया रे दीनानाथ भजन

 
माई म्हारो सुपनामा परनेया रे दीनानाथ लिरिक्स Mayi Mharo Supnama Parneya Re Dina Nath Lyrics

माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ
माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ
छप्पन कोटा जणा पधारया, दुल्हो श्री बृजनाथ
छप्पन कोटा जणा पधारया, दुल्हो श्री बृजनाथ
सुपना मा तोरण बंध्या री, सुपनामा गहया हाथ
सुपना मा तोरण बंध्या री, सुपनामा गहया हाथ
माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ
माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ

हो दीनानाथ हो दीनानाथ
हो दीनानाथहो दीनानाथ
हो दीनानाथ हो दीनानाथ
हो दीनानाथहो दीनानाथ

सुपनामा म्हारे परण गया,पाया अचल सुहाग
सुपनामा म्हारे परण गया,पाया अचल सुहाग
अचल सुहाग अचल सुहाग अचल सुहाग
मीरा रो गिरिधर मिलिया री,पूरब जनम रो भाग्य
माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ
माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ
हो दीनानाथ हो दीनानाथ
हो दीनानाथहो दीनानाथ
हो दीनानाथ हो दीनानाथ
हो दीनानाथहो दीनानाथ


Meera Bhajan - Mai mharo supanama with Lyrics, Voice Lata
 
मीरा कहती हैं: हे माँ! मेरे सपने में दीनानाथ (भगवान कृष्ण) ने आकर मेरा स्वागत किया। सपने में छप्पन करोड़ लोगों की भीड़ में दूल्हा बने श्री बृजनाथ (कृष्ण) पधारे। सपने में तोरण (फूलों का द्वार) सजाया गया और उन्होंने सपने में मेरा हाथ थाम लिया। हे दीनानाथ! (बार-बार जयकारा...) सपने में वे मेरे प्राण (हृदय) पर आ धरे और अटल सुहाग प्रदान किया। अटल सुहाग! मीरा को गिरिधर (कृष्ण) पूर्व जन्म के भाग्य से मिले। हे माँ! मेरे सपने में दीनानाथ ने आकर स्वागत किया। हे दीनानाथ!
 
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