तमन्ना फिर मचल जाएं अगर तुम भजन

तमन्ना फिर मचल जाएं अगर तुम मिलनें आ जाओ भजन

 
तमन्ना फिर मचल जाएं अगर तुम मिलनें आ जाओ लिरिक्स Tamanna Phir Machal Jaye yrics

तमन्ना फिर मचल जाएं, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाएं, अगर तुम मिलने आ जाओ,
तमन्ना फिर मचल जाएं, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मेरे श्याम, मेरे श्याम,

मुझे गम है के मैंने ज़िन्दगी में, कुछ नहीं पाया,
मुझे गम है के मैंने ज़िन्दगी में, कुछ नहीं पाया,
हाँ, मैंने कुछ नहीं पाया, हाँ, मैंने कुछ नहीं पाया,
ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
तमन्ना फिर मचल जाएं, अगर तुम मिलनें आ जाओ,

ये दुनिया भर के सब झगड़े, विश्वास पर घातें,
और विश्वास पर घातें,और विश्वास पर घातें,
बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ,
मेरी जिंदगी संवर जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मेरी जिंदगी संवर जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,

मेरे अपनों ने ही मुझको, दिए है घाव जो गहरे,
मेरे अपनों ने ही मुझको, दिए है घाव जो गहरे,
दिए है घांव जो गहरे, दिए है घांव जो गहरे,
मरहम का काम हो जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मरहम का काम हो जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मेरी जिंदगी संवर जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,

मेरे जीवन के गुलशन की, बहारों पर खिजा छाई,
मेरे जीवन के गुलशन की, बहारों पर खिजा छाई,
बहारों पर खिजा छाई, बहारों पर खिजा छाई,
ये मौसम भी बदल जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
ये मौसम भी बदल जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मेरी जिंदगी संवर जाए, अगर तुम मिलनें आ जाओ,

नहीं मिलते हो तुम मुझसे, तो मोह दुनिया से होता है,
नहीं मिलते हो तुम मुझसे, तो मोह दुनिया से होता है,
तो मोह दुनिया से होता है, तो मोह दुनिया से होता है,
कटे सारे ये भव बंधन,अगर तुम मिलनें आ जाओ,
तमन्ना फिर मचल जाएं, अगर तुम मिलनें आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाएं, अगर तुम मिलने आ जाओ, 

Tamanna Phir Machal Jaye Bhajan By Shri Vinod Ji Agarwal Raipur

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जीवन में कई बार ऐसा लगता है कि तमन्नाएं अधर में लटक जाती हैं, बस एक झलक की आस बनी रहती है। दुख के बादल घने हो जाते हैं, लगता है कुछ हाथ न लगा। अपनों के हाथों लगे जख्म तो और गहरे होते हैं, जो रातों को जगाए रखते हैं। दुनिया की आपाधापी, झगड़े और धोखे सब कुछ बोझ बन जाता है। लेकिन जब इश्वर का आश्रर्वाद मिलता है, तो ये सब धुंधला पड़ जाता है। सारी उदासी मिट जाती है, जैसे सुबह की पहली किरण अंधेरे को चीर दे। साधक को लगता है कि बस एक मुलाकात से जीवन के सूखे बगीचे में फिर फूल खिल आते हैं।

दुनिया का मोह जो चिपक जाता है, वह भी छूटने लगता है जब वो करुणा का स्पर्श हो जाता है। हर बंधन टूटता चला जाता है, मन हल्का हो उठता है। जिंदगी फिर से रंगीन हो जाती है, हर पल में खुशी की बहार छा जाती है। हमें सिखाते हैं कि मुश्किल घड़ियों में भी धैर्य रखें, क्योंकि वो प्यार वाली मुलाकात सब दर्द पर मरहम रख देती है। अपनों के घाव भर जाते हैं, झगड़े शांत हो जाते हैं। ये आशा ही जीवन को संवार देती है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री श्याम जी की।

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