तू है कमाल साई तू है विशाल साई भजन
तेरी महिमा कमाल,
तू चाहे सब दे दे, तू चाहे सब ले ले,
रहमत तेरी बेमिसाल,
तू है कमाल साई, तू है विशाल,
तेरी महिमा कमाल,
तेरी जमीन, ये तेरा गगन है,
तेरी ठंडी हवाएँ,
तेरी नदियाँ, तेरा गुलशन,
तू ही फूल खिलाये,
किस को करें निहाल, हाँ मालामाल,
कोई भी जाने ना,
सतगुरु साईं नाथ तेरे,
ये भेद कोई पहचाने ना,
तू है कमाल साई, तू है विशाल,
तेरी महिमा कमाल,
तेरे नज़ारे, चाँद सितारे,
श्रृष्टि के सुख सारे,
वन उपवन, पशु पक्षी सारे,
है अधीन तुम्हारे,
तू सब का करतार, है पालनहार है,
ये जाने सारा जहां,
सब का कष्ट हरे, तू झोली भरे,
नहीं कुछ तेरे बिना,
तू है कमाल साई, तू है विशाल,
तेरी महिमा कमाल,
ईश्वर का वरदान, तुम्ही हो कृष्ण, तुम्ही हो राम,
चाहे जिस भी रूप में देखूँ तुम ही तुम साईं राम,
ऊँची तुम्हारी शान है साईं महान कोई ये जाने ना,
हम पे भी दे दो ध्यान मेरे भगवान,
जरा मेरी बिगड़ी बना,
तू है कमाल साई, तू है विशाल,
तेरी महिमा कमाल,
तू है कमाल साई, तू है विशाल,
तेरी महिमा कमाल,
तू चाहे सब दे दे, तू चाहे सब ले ले,
रहमत तेरी बेमिसाल,
तू है कमाल साई, तू है विशाल,
तेरी महिमा कमाल,
नींद में भी गाओगे इतना मधुर भजन है - Sai Bhajan 2020 - Latest Sai Bhajan 2020 - Bhajan 2020
►Singer : Hamsar Hayat Nizami
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साईं की लीला तो कमाल की है, विशाल रूप में सब कुछ संभाले रहते हैं। चाहे दे दें सब, चाहे ले लें, रहमत ऐसी बेमिसाल बरसाते। जमीन गगन इनका, ठंडी हवाएं इनकी, नदियां गुलशन फूल खिलाते। चांद सितारे नजारे सब इनके अधीन, वन उपवन पशु-पक्षी भी इनके कंट्रोल में। सतगुरु के भेद कौन समझे, कष्ट हरकर झोली भर देते। ये इश्वर का आशीर्वाद है, जो हर कमी पूरी कर देता।
ईश्वर का वरदान बनकर कृष्ण राम सब रूप धरते, ऊंची शान कोई न समझे। बिगड़ी बनवाने का ध्यान दे दें, जीवन सुधर जाए। हमें दिखाते हैं कि सच्चा पालनहार तो बिन बोले सब संभाल लेता, हर सांस में साथ निभाता। जरा मन लगा लो इस प्यार में, थकान मिट जाए। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शांति मिले। जय साईं नाथ जी की!
