ना करो बन्दगी न करो इबादत भजन
ना करो बन्दगी न करो इबादत साई भजन
ना करो बंदगी, ना करो इबादत,
एक दूजे दे नाल प्यार करो, एक दूजे दा सत्कार करो।
सब तो वड्डा एह सजदा है, सब तो वड्डी एहे पूजा है,
एहो मेरा साईं कहंदा है,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
बन्दा बंदे दे कम आवे, भावे ओ माला फेरै ना,
दुखियां दी सेवा करदे रवे, भावे आवे दर मेरे ना।
जो सब ली खेरा मांगदा है, सब नाल भलाई करदा है,
दिल विच मेरे ओ बसदा है,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
नफरत दी खेती करदे जो, नफरत दा ही फल चखदे ने,
एहो दस दस्तूर कुदरत दा, जो बीज दे ओही कड़दे ने।
किकर दे अम्ब नही लगदे, पत्थर बदिया ते नही तरदे,
अंजाम बुरे ने बुरियाँ दे,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
तू पंज नमाजी अखवा वे, या माथे तिलक सजावे तू,
गिरजा घर विच कैंडल वाले, या नित गुरूद्वारे जावे तू।
दिल साफ़ जे तेरा ही साहिल, फिर कुछ वी नहीं होना हासिल,
फिर कुछ सोच विचार तू ए गाफिल,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
एक दूजे दे नाल प्यार करो, एक दूजे दा सत्कार करो।
सब तो वड्डा एह सजदा है, सब तो वड्डी एहे पूजा है,
एहो मेरा साईं कहंदा है,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
बन्दा बंदे दे कम आवे, भावे ओ माला फेरै ना,
दुखियां दी सेवा करदे रवे, भावे आवे दर मेरे ना।
जो सब ली खेरा मांगदा है, सब नाल भलाई करदा है,
दिल विच मेरे ओ बसदा है,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
नफरत दी खेती करदे जो, नफरत दा ही फल चखदे ने,
एहो दस दस्तूर कुदरत दा, जो बीज दे ओही कड़दे ने।
किकर दे अम्ब नही लगदे, पत्थर बदिया ते नही तरदे,
अंजाम बुरे ने बुरियाँ दे,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
तू पंज नमाजी अखवा वे, या माथे तिलक सजावे तू,
गिरजा घर विच कैंडल वाले, या नित गुरूद्वारे जावे तू।
दिल साफ़ जे तेरा ही साहिल, फिर कुछ वी नहीं होना हासिल,
फिर कुछ सोच विचार तू ए गाफिल,
ना करो बंदगी, ना करो इबादत।
गुरुवार को साईं जी का स्पेशल भजन - Na Karo Bandgi - प्रदीप साहिल | Shirdi Sai Baba Special Song 2018
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अगर कोई इंसान दूसरों के काम आता है, दुखियों की सेवा करता है, तो वह असली भक्त है, चाहे वह माला न फेरे, मंदिर या दरगाह न भी जाए। जो दूसरों के लिए भलाई करता है, सबके साथ अच्छा व्यवहार करता है, वही साईं के दिल में बसता है। दूसरी ओर, जो नफरत बोता है, उसे उसी का फल मिलता है—कुदरत का यही नियम है। जैसे पत्थर पर पौधा नहीं उगता, वैसे ही बुरे कर्मों का अंजाम भी बुरा ही होता है।
धार्मिक चिन्ह, पूजा-पाठ, मस्जिद, मंदिर, गिरजाघर या गुरुद्वारे जाना—यह सब तभी सार्थक है जब दिल साफ हो, मन में सच्चाई और प्रेम हो। अगर मन में द्वेष, अहंकार या बुराई है, तो कोई भी पूजा या इबादत अर्थहीन है। साईं बाबा का यही संदेश है कि सच्चा धर्म, सच्ची भक्ति—दूसरों से प्रेम, सेवा और सम्मान में है। यही जीवन का सबसे बड़ा सत्य और सबसे ऊँची पूजा है।
धार्मिक चिन्ह, पूजा-पाठ, मस्जिद, मंदिर, गिरजाघर या गुरुद्वारे जाना—यह सब तभी सार्थक है जब दिल साफ हो, मन में सच्चाई और प्रेम हो। अगर मन में द्वेष, अहंकार या बुराई है, तो कोई भी पूजा या इबादत अर्थहीन है। साईं बाबा का यही संदेश है कि सच्चा धर्म, सच्ची भक्ति—दूसरों से प्रेम, सेवा और सम्मान में है। यही जीवन का सबसे बड़ा सत्य और सबसे ऊँची पूजा है।
➤Song Name: Na Karo Bandgi
➤Singer Name: Pradeep Sahil
➤Music - Satish Kumar , Bijender Chauhan
➤Album : Sai Baghbaan
➤Singer Name: Pradeep Sahil
➤Music - Satish Kumar , Bijender Chauhan
➤Album : Sai Baghbaan
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Author - Saroj Jangir
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