जोगी मैं श्याम दा जोगी कृष्णा भजन
जोगी मैं श्याम दा जोगी कृष्णा भजन
सबसे प्रीत लगाकर देखी,
बस धोखा ही खाया,
जग ने आँखें फेर ली तब,
इसी ने ही गले लगाया,
दुनिया वाले कहते हैं अब,
मैं ना रहा किसी काम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
श्याम की महिमा घूम घूम कर,
गली गली में बाँचूँ,
छोड़ के सारी लाज शर्म,
मैं इसके आगे नाचूँ,
निकल पड़ा हूँ प्रेम डगर पे,
पता नहीं अंजाम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
दुनियादारी देख के झूठी,
मन बैरागी डोला,
ओढ़ लिया तन मन पे मैंने,
श्याम नाम का चोला,
लगन लगी है अब तो ऐसी,
पता ना सुबह हो शाम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
जी करता है छोड़ के सब कुछ,
खाटू में बस जाऊँ,
दुनिया की क्यों करूँ खुशामत,
श्याम धणी को रिझाऊँ,
लूट रहा है जग ये खजाना,
साँवरिया के नाम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
सबसे प्रीत लगाकर देखी,
बस धोखा ही खाया,
जग ने आँखें फेर ली तब,
इसी ने ही गले लगाया,
दुनिया वाले कहते हैं अब,
मैं ना रहा किसी काम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
बस धोखा ही खाया,
जग ने आँखें फेर ली तब,
इसी ने ही गले लगाया,
दुनिया वाले कहते हैं अब,
मैं ना रहा किसी काम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
श्याम की महिमा घूम घूम कर,
गली गली में बाँचूँ,
छोड़ के सारी लाज शर्म,
मैं इसके आगे नाचूँ,
निकल पड़ा हूँ प्रेम डगर पे,
पता नहीं अंजाम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
दुनियादारी देख के झूठी,
मन बैरागी डोला,
ओढ़ लिया तन मन पे मैंने,
श्याम नाम का चोला,
लगन लगी है अब तो ऐसी,
पता ना सुबह हो शाम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
जी करता है छोड़ के सब कुछ,
खाटू में बस जाऊँ,
दुनिया की क्यों करूँ खुशामत,
श्याम धणी को रिझाऊँ,
लूट रहा है जग ये खजाना,
साँवरिया के नाम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
सबसे प्रीत लगाकर देखी,
बस धोखा ही खाया,
जग ने आँखें फेर ली तब,
इसी ने ही गले लगाया,
दुनिया वाले कहते हैं अब,
मैं ना रहा किसी काम का,
उनको क्या मालूम कि अब मैं,
जोगी अपने श्याम का,
जोगी जोगी मैं श्याम दा जोगी।
Jogi Apne Shyam Ka || Sheettal Paandey || Shyam Bhajan || New bhajan
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दुनिया से प्रीत लगाकर धोखा खाया, जग ने आंखें फेर लीं तो श्याम ने गले लगा लिया। अब न किसी काम का समझा जाने पर भी श्याम का जोगी बन गया, महिमा गली-गली बांटता, लाज शर्म छोड़ नाचता, प्रेम डगर पर निकल पड़ा। दुनियादारी के झूठ से बैरागी होकर श्याम नाम का चोला ओढ़ लिया, लगन ऐसी कि सुबह शाम का पता न रहा। सब छोड़ खाटू बसने को जी चाहता, श्याम धणी को रिझाने को दुनिया की खुशामत निभाई।
हे श्याम धणी बाबा, तुम जग के धोखों से ऊपर उठाने वाले हो, जो जोगी बनाकर प्रेम की डगर दिखाते हो और गले लगाकर अपनाते हो। खाटू वाले सांवरे, तुम्हारी महिमा बांटने से जीवन धन्य होता है, बैराग का चोला पहनाकर नाम का खजाना लुटाते हो। तुम्हारी लगन में सब विसार जाते हैं, हे गोविंद, तुम्हीं सच्चे जोगी के स्वामी हो।
हे श्याम धणी बाबा, तुम जग के धोखों से ऊपर उठाने वाले हो, जो जोगी बनाकर प्रेम की डगर दिखाते हो और गले लगाकर अपनाते हो। खाटू वाले सांवरे, तुम्हारी महिमा बांटने से जीवन धन्य होता है, बैराग का चोला पहनाकर नाम का खजाना लुटाते हो। तुम्हारी लगन में सब विसार जाते हैं, हे गोविंद, तुम्हीं सच्चे जोगी के स्वामी हो।
Singer - Sheettal Paandey
Lyrics & Composition by - Anil Sharma
Music Arranger- Shivam Upadhya
Studio - Gayatri Studios
Lyrics & Composition by - Anil Sharma
Music Arranger- Shivam Upadhya
Studio - Gayatri Studios
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Author - Saroj Jangir
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