जमुना किनारे मेरो गाँव साँवरे भजन

जमुना किनारे मेरो गाँव साँवरे आ जइयो भजन

 
जमुना किनारे मेरो गाँव साँवरे आ जइयो लिरिक्स Jamuna kinare Mero Ganv Sanvare Lyrics

जमुना किनारे मेरो गाँव,
साँवरे आ जइयो, आ जइयो,
जमुना किनारे मेरो गाँव,
साँवरे आ जइयो,
सांवरे आ जईयो, सांवरे आ जईयो,
जमुना किनारे मेरो गाँव,
साँवरे आ जइयो,

जमुना किनारें मेरी ऊँची हवेली,
मैं बृज की गोपिका नवेली,
राधा रंगीली मेरो नाम, के बंसी बजा जइयो,
सांवरे आ जईयो, साँवरे आ जईयो,
जमुना किनारे मेरो गाँव,
साँवरे आ जइयो,

मल मल के मैं तुजे नहलाऊं,
घिस घिस चंदन तिलक लगाऊँ,
पूजा करूँगी,
पूजा करूँगी सुबह शाम,
के माखन खा जइयो,
सांवरे आ जईयो, साँवरे आ जईयो,
जमुना किनारे मेरो गाँव,
साँवरे आ जइयो,

खस खस को बँगला बनवाऊं,
चुन चुन कलियाँ, सेज सजाऊं,
धीरे धीरे, धीरे धीरे दाबू मैं पाँव, के प्रेम रस पा जइयो,
सांवरे आ जईयो, साँवरे आ जईयो,
जमुना किनारे मेरो गाँव,
साँवरे आ जइयो,


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जमुना किनारे मेरो गाँव | Jamuna Kinare Mero Gaon | Tripti Shakya | Krishna Bhajan Video Name: जमुना किनारे मेरा गाँव

गहन प्रेम और आत्मीय अनुराग को दर्शाती है, जिसमें राधा अपने साँवरे कृष्ण के आगमन की प्रतीक्षा कर रही है। जमुना के किनारे का यह गाँव, राधा के हृदय की गहराई और भक्ति का प्रतीक बन जाता है। हर गली, हर हवेली, हर बगिया उनके प्रेम और इंतजार से जीवंत हो उठती है। राधा की भाव-स्थिति में मासूमियत और गहन लगाव दोनों झलकते हैं। वह प्रेमपूर्वक सोचती है कि कैसे वह कृष्ण का स्वागत करे, उन्हें स्नान कराए, उनका श्रृंगार करे और उनकी प्रिय वस्तुओं से उनका आनंद बढ़ाए। उनके लिए यह केवल भौतिक सजावट नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण का सबसे सहज और पवित्र रूप है।

जमुना किनारे की हवा, बगिया की खुशबू और कलियों की मुस्कान सब मिलकर उस दिव्य मिलन की अनुभूति देते हैं, जो केवल प्रेम और भक्ति में संभव है। राधा का हर कदम, हर सोच यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम सजीव, निस्वार्थ और पूर्ण समर्पण से ही खिलता है।

यमुना माता केवल एक नदी नहीं हैं, बल्कि वे प्रेम और करुणा की जीवंत धारा हैं, जो हृदय से बहती हुई धरती पर पहुंचती हैं। उनका अस्तित्व हमारे जीवन में शांति, शीतलता और आनंद लेकर आता है। ब्रज में, जहाँ श्रीकृष्ण ने अपनी बाललीलाएँ रची, यमुना मैया का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। बालक कृष्ण के चरणों का स्पर्श पाकर उनका जल पवित्र हो गया और उसी पवित्रता से हर भक्त का मन शुद्ध होता है।

जैसे एक माँ अपने बच्चे की हर गलती को माफ कर देती है, वैसे ही यमुना माता हमारे पापों और कठिनाइयों को अपने जल में बहा देती हैं। उनका स्पर्श और स्मरण हृदय को शुद्ध कर देता है और भक्ति के भाव को जाग्रत करता है। गोकुल, मथुरा और वृंदावन में हर भक्त उन्हें प्रेम से ‘यमुने महारानी’ कहकर बुलाता है, क्योंकि उनका प्रेम और करुणा हर मनुष्य के लिए समान रूप से उपलब्ध है।

जो भी सच्चे मन से उनके तट पर जाकर ध्यान करता है, उसे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि आध्यात्मिक अनुभूति और परमधाम की अनुभूति का अनुभव भी होता है। यमुना माता का प्रेम यही सिखाता है कि भक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि अनुभव, समर्पण और आत्मा के उज्जवल भावों में प्रकट होती है। 

Video Name: जमुना किनारे मेरा गाँव
Copyright: Paash Productions
Vendor: Vianet Media.

Singer : Tripti Shakya  

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