राधा श्याम तेरा है दीवाना राधाकृष्ण भजन

राधा श्याम तेरा है दीवाना राधाकृष्ण भजन

 
राधा श्याम तेरा है दीवाना Radha Shyam Tera Hai Deewana Lyrics

ओ रे बनवारी तेरी बतियाँ ना मानूँ,
जानूँ मैं तो जानूँ तोहे छलियाँ मैं जानूं,
छोड़ दे डगर तेरी काली है नज़र,
मेरे पीछे पीछे पीछे नहीं आना
ओ राधा राधा,
ओ राधा श्याम है तेरा दीवाना,
ओ राधा श्याम है तेरा दीवाना,

तुम सब से यही बताते हो,
सारी सखियॉँ से प्रेम जताते हो,
तुम धोखे बाज हो धोखे से
 आकर के चीर चुराते हो,
मैं चाहे जो भी करता हूँ,
पर तुझ पे ही राधे मरता हूँ,
नाराज़ ना  मुझसे हो जाओ,
इस बात से ही मैं डरता हूँ,
झूठे जज़्बात तेरे झूठी हर बात,
तू है झूठ का पूरा ख़जाना,
ओ राधा राधा,
ओ राधा श्याम है तेरा दीवाना,
ओ राधा श्याम है तेरा दीवाना,

तेरी बातों में ना आऊंगी,
सीधे अपने घर जाऊंगी,
तू चाहे जितनी कोशिश कर,
तेरे संग न रास रचाऊँगी,
तू जो भी कहें कर जाऊँगा,
मैं चाँद जमीन पर जाऊँगा,
पर ऐसे मुझे रूठीरहीं,
तो तेरी कसम मैं मर जाऊंगा,
मान गई कान्हा जान गई मैं,
फिर गलती नहीं दोहराना,
ओ राधा राधा,
ओ राधा श्याम है तेरा दीवाना,
ओ राधा श्याम है तेरा दीवाना,

 
2020 नया राधा कृष्ण का डांस भजन | राधा श्याम है तेरा दीवाना | श्री कृष्ण भजन | Latest Krishan Bhajan
  
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2020 नया राधा कृष्ण का डांस भजन | राधा श्याम है तेरा दीवाना | श्री कृष्ण भजन | Latest Krishan Bhajan 
 
Album: Shyam Hai Tera Diwana
Singer: Tarun Yadav & Tushar Rangeeta
Artist - Shivam {9720819389} & Shiva Agnihotri
Geet: Anupam Pandey
Sangeet: Bablu Mishra
Sanyojak : Raksharam Maurya 

जब बनवारी की बतियाँ मानने से इनकार करती हैं, तो लगता है जैसे दिल ने अपने आप को तैयार कर लिया हो। वह जानती हैं कि उनकी नज़र काली है, डगर बेचौर है, फिर भी उनके लिए हिचकी आती है। एक तरफ डर और दूसरी तरफ इतना प्रेम कि कहीं‑कहीं उससे भी बड़ा लगता है। वहीं श्याम खुद कहता है कि भले सारी सखियाँ उससे प्रेम जताएँ, उसका पूरा दिल तो राधा के लिए ही पिघलता है।

झूठ के खजाने की बात उठती है, लेकिन उसी झूठ में भी इतनी सच्चाई छुपी होती है कि दिल भटक कर भी उसी के पीछे चलने लगता है। राधा ज़ोर देती है कि अब उसकी बातों में नहीं आएगी, घर जाएगी, रास नहीं रचाएगी, लेकिन साथ ही वह शपथ भी लेती है कि अगर वह फिर भी एक ओर हट जाए तो उसी कसम पर मर जाएगी। अंत में मान मान कर वह श्याम से साफ कहती है – “अब तू गलती नहीं दोहराना।” यही भाव दिल को बताता है कि प्रेम में डर और विश्वास एक साथ चलते हैं, और राधा‑श्याम का दीवानापन उसी में छुपा है।
 
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