काला काला कहवै गुजरी मत काले का भजन

काला काला कहवै गुजरी मत काले का ज़िकर भजन

 
काला काला कहवै गुजरी लिरिक्स Kala Kala Kahave Gujari Lyrics Krishna Bhajan Lyrics Hindi

काला काला कहवै गुजरी,
मत काले का ज़िकर करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवै गुजरी,

मोटे मोटे नैंन राधा के,
इसमें सुरमा अज़ब सजै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवै गुजरी,
मत काले का ज़िकर करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै।

लम्बे-लम्बे केश राधा के,
जिसमें माँग सिंदूर भरै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवै गुजरी,
मत काले का ज़िकर करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै।

लम्बे लंबे पँख मोर के,
इसके सिर पर मुकुट सजै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवै गुजरी,
मत काले का ज़िकर करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै।

हरे हरे बंसा की हरी मुरलियाँ,
जिसका खोयाँ जग फिरै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला करे गुजरी,
मत काले का ज़िकर करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै।
काला काला कहवै गुजरी,
मत काले का ज़िकर करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काळा काळा कहवे रै गुजरी,


Jhanki Dance Bhajan | Kala Kala Kahe Gujari | Radha Krishna DJ Bhajan | Rathore Cassettes
 
Kaala Kaala Kahavai Gujaree Liriks
Kaala Kaala Kahavai Gujaree,
Mat Kaale Ka Zikar Karai,
Kaale Rang Pe Moranee Rudan Karai,
Kaala Kaala Kahavai Gujaree,

गुजरिया काले रंग को लेकर बार-बार शिकायत करती है, पर उसकी बातों में छिपा है एक गहरा प्रेम। वह कहती है मत काले का ज़िक्र करो, क्योंकि काला रंग ही तो मोहन का है, वही श्याम सुंदर जो दिल चुरा लेता है। राधा के मोटे-मोटे नैनों में सुरमा सजा है, लंबे केशों में सिंदूर भरा है, और मोर की लंबी पंखों वाला मुकुट सिर पर चमकता है – सबमें वही काला रंग घुला हुआ है। मोरनी भी उस काले रंग पर रुदन करती है, जैसे अपनी सुंदरता को भूलकर बस उसी की याद में रोती रहती है। यह शिकायत नहीं, बल्कि ईर्ष्या है, क्योंकि काला रंग इतना आकर्षक है कि सारी दुनिया उसकी ओर खिंची चली आती है।

मुरली भी हरी है, पर उसकी धुन में खोया जग फिरता है, और वह धुन भी श्याम की काली छवि से ही निकलती है। गुजरिया का मन यही कहता रहता है कि काला रंग कितना मोहक है, कितना गहरा है, कि मोरनी भी उसे देखकर अपनी चमक भूल जाती है। यह लीला प्रेम की है, जहाँ काला रंग नकारात्मक नहीं, बल्कि सबसे ऊँचा, सबसे प्रिय बन जाता है। श्याम की यह छवि दिल में बस जाती है, और हर बार नाम लेते ही वही काला रंग आँखों के सामने नाचने लगता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।

Bhajan :- Kala Kala Kahe Gujari
Singer :- Khusbu Tiwari
Artist :- Bunty Bajariya Group (9625581364)
Music :- Sonotek Studio
Editor :- Kriti Saxena 
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