नीच नीचता त्यागे कोनी मीनिंग

नीच नीचता त्यागे कोनी मीनिंग

नीच नीचता त्यागे कोनी लिरिक्स हिंदी मीनिंग Neech Nichata Tyage Koni Lyrics Rajasthani Bhajan Lyrics : Anil Nagauri Bhajan

अभिमान से जात है,
राज जोर (तेज़ ) और वंश,
(अभिमान से जात है, राज तेज और वंश । तीनों ताला दे गया रावण , कौरव , कंस । )
तीनों ताला दे गया,
रावण कौरव कंश, 
 
नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाही सफ़ेद होवे रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
काजल नाही सफ़ेद होवे रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
 
Hindi Meaning /हिंदी मीनिंग : नीच जन अपनी नीचता के स्वभाव को नहीं छोड़ता है। हजारों कोशिश के बावजूद भी काजल कभी सफ़ेद नहीं बन सकता है। The wicked person does not give up his wicked nature. Soot (Kajal/black Color) can never become white despite thousands of attempts. Sly people always remain sly.

नीचे से जड़ काटन आळा,
मुख पर मीठी बात करे,
धोखा देकर गला काट दे,
दाव देखकर घात करे,
मात पिता से करे लड़ाई,
रोज खड़ा उत्पात करे,
बिना बुलाए पर घर जाकर,
मुख देखी पंचायत करे,
बेईमानों से बच कर रहना,
कभी नहीं व्यवहार करो,
काजल नाही सफ़ेद होवे रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाही सफ़ेद होवे रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
Hindi Meaning /हिंदी मीनिंग :  जो स्वभाव से दुष्ट होते हैं वे जड़े काटते हैं। वे मुंह पर तो मीठी बातें करते हैं लेकिन धोखा देकर गला काट देते हैं। दुष्ट व्यक्ति अपने माता पिता से लड़ाई करते हैं घात लगाकर हमला कर देते हैं। रोज नए नए झगड़े खड़े करते हैं। बिना बुलाए दूसरों के घर जाकर पंचायती करते हैं। ऐसे बेईमानों से बचकर रहना चाहिए और उनसे कोई व्यवहार नहीं करना चाहिए। उनका भले ही कितना ही आदर सत्कार कर लो वे बेईमान ही रहेंगे।
 
Those who are evil by nature tend to cut friend's roots. They talk sweet on the mouth but cheat and cut the throat. Evil men fight with their parents and ambush them. They create new quarrels every day. They go to house of others without being called and make Pnchayati. We should stay away from such unscrupulous people and should not treat them. No matter how much respect, they will remain dishonest. 
 
नीच जन अपनी नीचता के स्वभाव को नहीं छोड़ता है। हजारों कोशिश के बावजूद भी काजल कभी सफ़ेद नहीं बन सकता है। The wicked person does not give up his wicked nature. Soot (Kajal/black Color) can never become white despite thousands of attempts. Sly people always remain sly.

अपने आप बड़ाई करके,
असली दोष छिपा लेते,
दो आने के लालच में पड़,
झूठा धर्म उठा लेते,
मतलब होय पेट में बड़कर,
धोका दे धन खा लेते,
बिना मतलब से मुख ना बोले,
अपनी नज़र छुपा लेते,
दे विश्वास दगा दे जाते,
कितना चाहे प्यार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाही सफ़ेद होवे रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
 
Hindi Meaning /हिंदी मीनिंग :  दुष्ट व्यक्ति अपनी बड़ाई करके असली दोष को छिपा लेते हैं। छोटे से लालच के लिए वे धर्म को भी ताक पर रख देते हैं। अपने मतलब के लिए वे किसी के भी दोस्त बन जाते हैं। मतलब नहीं होने पर वे नजरें चुराने लगते हैं। नीच जन अपनी नीचता के स्वभाव को नहीं छोड़ता है। हजारों कोशिश के बावजूद भी काजल कभी सफ़ेद नहीं बन सकता है। 
 
Evil Person praise themselves and hide original faults. For the sake of small greed, they also ignore religion. For their own meaning they become friends of anyone. After the completion of their profit, they start stealing eyes. The wicked person does not give up his wicked nature. Soot (Kajal/black Color) can never become white despite thousands of attempts. Sly people always remain sly.

मन में रखता बेईमानी रै,
ऊपर बात सफाई की,
कपट फंद छल धोका देकर,
नाड़ काट दे भाई की,
बहन भाणजी समझे कोणी,
कोणी साख जमाई की,
मण भर दूध फाड़ सकती है,
देखो बून्द खटाई की,
बाण कुबान दुष्ट ना छोड़े,
कितना ही उपकार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
 
भले ही दुष्ट व्यक्ति सामने से मीठी बातें करता हो, लेकिन वह मन में कपट रखता है। दुष्ट व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए अपने भाई का गला भी काट देता है। दुष्ट व्यक्ति स्वंय के स्वार्थ की खातिर रिश्तों को भी भूल जाता है। वह बहन भांजी के रिश्तों को भी नहीं समझता है। वह स्वंय के स्वार्थ की खातिर जवाई को भी कुछ नहीं समझता है। बहुत सारे दूध को एक खटाई की बून्द फाड़ देती है। 
 
Even if the evil person talks sweetly in front of him, but he keeps fraud in mind. The evil person also cuts his brother's throat for his selfishness. The evil person also forgets relationships for the sake of selfishness. He does not even understand Sister Bhanji's relationships. He does not consider Jawai anything for his own selfishness. A single drop of Sourness can tear lot of Milk. 
 
नीच जन अपनी नीचता के स्वभाव को नहीं छोड़ता है। हजारों कोशिश के बावजूद भी काजल कभी सफ़ेद नहीं बन सकता है। 
 
Evil Person praise themselves and hide original faults. For the sake of small greed, they also ignore religion. For their own meaning they become friends of anyone. After the completion of their profit, they start stealing eyes. The wicked person does not give up his wicked nature. Soot (Kajal/black Color) can never become white despite thousands of attempts. Sly people always remain sly. The wicked never give up their wickedness
 
काग कुटिलता त्यागे कोनी,
हँसा बीच बैठाय देखो,
अपनी आदत छोड़े कोनी,
सोने में चौंच मंढा देखो,
जहरी नाग जहर नहीं त्यागे,
चाहे दूध पिला देखो,
काला उपर रंग दूसरा,
चढ़ता नाहीं चढा देखो,
हरि नारायण हरि गुण गाओ,
भवसागर बेडा पार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
 
काग को हंसों में मध्य में बैठाने पर भी काग अपनी कुटिलता का त्याग नहीं करता है। यदि काग की चोंच सोने की भी कर दी जाय तो भी वह गन्दगी में चोंच मारना नहीं छोड़ता है। सांप को दूध पिलाने पर भी वह विष का त्याग नहीं करता है। काले रंग पर कोई दूसरा रंग नहीं चढ़ता है। संत हरिनारायण हरी के गुण गाते हैं। हरी गुण गाने से ही भव से पार होंगे। Even if the crow is placed in the middle of the swan, the crow does not give up its wickedness. Even if the crow beak is made of gold, it does not stop bending in the dirt. Even after feeding milk to the snake, it does not give up venom. No other color prevails over black. Saint Harinarayan sings the qualities of Hari. Only by singing god qualities will you cross Bhav Sagar

नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
नीच नीचता त्यागे कोनी,
कितना ही सत्कार करो,
काजल नाहीं सफ़ेद होवै रे भाई,
नित्त कोशिश हज़ार करो।
 
Hindi Meaning /हिंदी मीनिंग : नीच जन अपनी नीचता के स्वभाव को नहीं छोड़ता है। हजारों कोशिश के बावजूद भी काजल कभी सफ़ेद नहीं बन सकता है। The wicked person does not give up his wicked nature. Soot (Kajal/black Color) can never become white despite thousands of attempts. Sly people always remain sly.
 

!! Anil Nagori !! इस भजन को दिल से पुरा सुन लिया तो जिंदगी बदल जायेगी !! अनिल नागौरी!!

Neech Neechata Tyaage Konee,
Kitana Hee Satkaar Karo,
Kaajal Naahee Safed Hove Re Bhaee,
Nitt Koshish Hazaar Karo.
Kaajal Naahee Safed Hove Re Bhaee,
Nitt Koshish Hazaar Karo.

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