मेहंदी तां सजदी जे नच्चे मुण्डे दी माँ सोंग
मेहंदी तां सजदी जे नच्चे मुण्डे दी माँ पंजाबी फोक सोंग
यह एक पारम्परिक विवाह गीत है जिसे दूल्हे के रिश्तेदारों की महिलाओं के द्वारा गाया जाता है। इसमें मूल गीत एक ही है 'टप्पे' अलग अलग होते हैं। मूल गीत का हिंदी अर्थ निचे दिया गया है।
मेहंदी तां सजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ,
मेहंदी तां फबदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ,
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
चानण तेरे अखिया दा,
अज्ज बह गया सेहरा लाके,
बल्ले बल्ले शावा शावा,
अपणे पराये, आवंडी गावंडी,
देण मुबारकां आके,
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
बहणा वीर का सेहरा चूमियाँ,
नोट भाभियाँ वारे,
मुण्डे दी माँ लकदी फ़िरदी,
ओहनूं लबदे सारे,
बल्ले बल्ले शावा शावा,
महफ़िल तां फबदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
बारी बरसी खटण गिया सी,
बारी बरसी,
खट के ले आंदा बाथू,
भई मुण्डे दा बापू,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे दी बापू,
बोली तां पाँवा,
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
बधाइयाँ डैडी तेनु बधाईया वे,
बधाईया तेरे आर नूं,
परिवार नूं,
तेरे पुत्तर राजकुमार नूं,
जिद्दा रखिया अज्ज बियाह,
बधाइयाँ डैडी तेनु बधाईया वे,
बधाइयाँ डैडी तेनु बधाईया वे।
बारी बरसी खटण गिया सी,
बारी बरसी,
खट के ले आंदि छाप,
ब्याह वाला मुंडा आप,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे आप,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे दूल्हा आप,
तेरी ओह्दी जोड़ी जिवें,
दुद्ध ते मलाई आ,
जीवे विचौला जिन्ने,
दस पाई आ,
जीवे विचौला जिन्ने,
दस पाई आ,
बारी बरसी खटण गिया सी,
बारी बरसी,
खट के ले आंदि वादी,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे दी दादी,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे दी दादी,
तू नच नच मुण्डे दी मामी,
लगियाँ दे लाग करादे,
जे तेरे कौल पैसा है नहीं,
घघरी दी वेळ करा दे,
बोलिया दी मैं सड़क बना,
जित्थो खलखत सारी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ,
मेहंदी तां फबदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ,
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
चानण तेरे अखिया दा,
अज्ज बह गया सेहरा लाके,
बल्ले बल्ले शावा शावा,
अपणे पराये, आवंडी गावंडी,
देण मुबारकां आके,
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
बहणा वीर का सेहरा चूमियाँ,
नोट भाभियाँ वारे,
मुण्डे दी माँ लकदी फ़िरदी,
ओहनूं लबदे सारे,
बल्ले बल्ले शावा शावा,
महफ़िल तां फबदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
बारी बरसी खटण गिया सी,
बारी बरसी,
खट के ले आंदा बाथू,
भई मुण्डे दा बापू,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे दी बापू,
बोली तां पाँवा,
ताली, ताळी तां बजदी,
जे नच्चे मुण्डे दी माँ।
बधाइयाँ डैडी तेनु बधाईया वे,
बधाईया तेरे आर नूं,
परिवार नूं,
तेरे पुत्तर राजकुमार नूं,
जिद्दा रखिया अज्ज बियाह,
बधाइयाँ डैडी तेनु बधाईया वे,
बधाइयाँ डैडी तेनु बधाईया वे।
बारी बरसी खटण गिया सी,
बारी बरसी,
खट के ले आंदि छाप,
ब्याह वाला मुंडा आप,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे आप,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे दूल्हा आप,
तेरी ओह्दी जोड़ी जिवें,
दुद्ध ते मलाई आ,
जीवे विचौला जिन्ने,
दस पाई आ,
जीवे विचौला जिन्ने,
दस पाई आ,
बारी बरसी खटण गिया सी,
बारी बरसी,
खट के ले आंदि वादी,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे दी दादी,
बोली तां पाँवा,
जे नच्चे मुण्डे दी दादी,
तू नच नच मुण्डे दी मामी,
लगियाँ दे लाग करादे,
जे तेरे कौल पैसा है नहीं,
घघरी दी वेळ करा दे,
बोलिया दी मैं सड़क बना,
जित्थो खलखत सारी,
Mehfil Taan Sajdi | Fun Punjabi Wedding Music | Mehndi Songs | Neelam Sharma | USP TV
मेहंदी तां सजदी, जे नच्चे मुण्डे दी माँ : हाथों पर लगाईं गई मेहंदी तो तब सजती है जब दूल्हे की माँ खुद नाचे। इस गीत के अवसर पर सभी रिश्तेदार यथा, भाभी, मामी, बहन आदि मिलजुल कर इस गीत का गायन करती हैं और नाचती हैं।
मेहंदी तां फबदी, जे नच्चे मुण्डे दी माँ : मेहंदी तो तब शोभा देती है जब लड़के की माँ नाचे।
ताली, ताळी तां बजदी जे नच्चे मुण्डे दी माँ : तालिया तभी बजेंगी जब दूल्हे की माँ नाचे।
चानण तेरे अखिया दा, अज्ज बह गया सेहरा लाके : तेरे आँखों का उजाला, आज दूल्हा बन कर, सेहरा बाँध कर बैठ गया है।
अपणे पराये, आवंडी गावंडी देण मुबारकां आके: अपने और पराये, आस पास के और पड़ौसी सभी आकर के मुबारकबाद दे रहे हैं।
बहणा वीर का सेहरा चूमियाँ, नोट भाभियाँ वारे : बहनों ने अपने भाई /वीर का सेहरा चूमा है।
मुण्डे दी माँ लकदी फ़िरदी, ओहनूं लबदे सारे : दूल्हे (मुंडे -लडके) की माँ छिपती फिरती है और सभी उसे ही ढूंढ रहे हैं।
महफ़िल तां फबदी, जे नच्चे मुण्डे दी माँ : महफ़िल तो तभी सजती है जब दूल्हे की माँ नाचें।
बारी बरसी खटण गिया सी, बारी बरसी खट के ले आंदा बाथू : बारह मासी गया था और वहां से बथुआ लेकर आ गया हूँ।
भई मुण्डे दा बापू, बोली तां पाँवा, जे नच्चे मुण्डे दी बापू : मैं आगे की बोली तभी गाउंगी जब दूल्हे का बापू आकर के नाचे।
मेहंदी तां फबदी, जे नच्चे मुण्डे दी माँ : मेहंदी तो तब शोभा देती है जब लड़के की माँ नाचे।
ताली, ताळी तां बजदी जे नच्चे मुण्डे दी माँ : तालिया तभी बजेंगी जब दूल्हे की माँ नाचे।
चानण तेरे अखिया दा, अज्ज बह गया सेहरा लाके : तेरे आँखों का उजाला, आज दूल्हा बन कर, सेहरा बाँध कर बैठ गया है।
अपणे पराये, आवंडी गावंडी देण मुबारकां आके: अपने और पराये, आस पास के और पड़ौसी सभी आकर के मुबारकबाद दे रहे हैं।
बहणा वीर का सेहरा चूमियाँ, नोट भाभियाँ वारे : बहनों ने अपने भाई /वीर का सेहरा चूमा है।
मुण्डे दी माँ लकदी फ़िरदी, ओहनूं लबदे सारे : दूल्हे (मुंडे -लडके) की माँ छिपती फिरती है और सभी उसे ही ढूंढ रहे हैं।
महफ़िल तां फबदी, जे नच्चे मुण्डे दी माँ : महफ़िल तो तभी सजती है जब दूल्हे की माँ नाचें।
बारी बरसी खटण गिया सी, बारी बरसी खट के ले आंदा बाथू : बारह मासी गया था और वहां से बथुआ लेकर आ गया हूँ।
भई मुण्डे दा बापू, बोली तां पाँवा, जे नच्चे मुण्डे दी बापू : मैं आगे की बोली तभी गाउंगी जब दूल्हे का बापू आकर के नाचे।
Mehandee Taan Sajadee,
Je Nachche Munde Dee Maan,
Mehandee Taan Phabadee,
Je Nachche Munde Dee Maan,
Taalee, Taalee Taan Bajadee,
Je Nachche Munde Dee Maan.
Je Nachche Munde Dee Maan,
Mehandee Taan Phabadee,
Je Nachche Munde Dee Maan,
Taalee, Taalee Taan Bajadee,
Je Nachche Munde Dee Maan.
Mehfil Taan Sajdi is a fun Punjabi wedding song sung during the Mehndi or Sangeet functions. This song brings together all the family members in a joyous manner. This song has been sung by Neelam Sharma.
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Author - Saroj Jangir
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