नाच रहे बजरंग छमा छम नाच रहे भजन

नाच रहे बजरंग छमा छम नाच रहे भजन

श्री हनुमान जी माता सीता से पूछते हैं की आप अपने माथे में सिन्दूर क्यों लगाती हैं ? इस पर माता सीता कहती है की वे अपने पति श्री राम की लम्बी आयु के लिए अपने माथे पर सिन्दूर को लगाती हैं। 

इस पर भगवान हनुमान जी जो श्री राम जी के परम भक्त हैं उन्होंने सोचा की यदि ऐसा ही है तो क्यों नहीं वे अपने सम्पूर्ण शरीर पर ही सिन्दूर को लगा लें। श्री बालाजी भगवान इस पर अपने सम्पूर्ण तन को रंग लेते हैं और भगवान श्री राम जी की भक्ति में मस्त होकर नाचते हैं। 
 
नाच रहे बजरंग छमा छम नाच रहे बजरंग भजन

श्री राम जी के नाम पर हर कोई,
सेना हो नहीं सकता,
देवों में देव हनुमान एक हुए हैं,
दूसरा हो नहीं सकता।
नाच रहे बजरंग,
छमा छम, नाच रहे बजरंग।


एक समय में माँग लगावे,
देखो सीता मात,
हनुमान सूं रहियो नहीं जावे,
पुछण लागो बात,
सीता, माँ ने करियो तंग,
छमा छम नाच रहे बजरंग।
तन पर लगा सिंदूरी रंग,

छमा छम, नाच रहे बजरंग।

राम रिजावा कारण बाला,
करती में सिणगार,
हनुमान सिंदूरी हाथा में,
लेकर हो गया तैयार,
लगावे, अपने तन पर रंग,
छमा छम नाच रहे बजरंग,
तन पर लगा सिंदूरी रंग,
छमा छम, नाच रहे बजरंग।

राम दीवाना बजरंग बाला,
पहरे चोला लाल,
राम रिजावा कारण बाला,
नाचे दे दे ताल,
चढ़ ग्यो भक्ति वाळो रंग ,
छमा छम नाच रहे बजरंग,
तन पर लगा सिंदूरी रंग,
छमा छम, नाँच रहे बजरंग।

भक्ति लेकर बालाजी ने,
चोला चढ़ावे लाल,
राम कुमार मालूणी चरणा में,
गावे बारम्बार,
अनोखो, बालाजी रो ढंग,
छमा छम नाच रहे बजरंग,
तन पर लगा सिंदूरी रंग,
छमा छम, नाँच रहे बजरंग। 


तन पर लगा सिंदूरी रंग छमा छम नांच रहे बजरंग Bhagwat Suthar Dj Remix Nach Rhe Bajarang
 
Shri Raam Ji Ke Naam Par Har Koi,
Sena Ho Nahin Sakata,
Devon Mein Dev Hanumaan Ek Hue Hain,
Dusara Ho Nahin Sakata.
Naach Rahe Bajarang,
Chhama Chham, Naach Rahe Bajarang.

श्री राम जी के नाम पर हनुमान जैसे दीवाने दुर्लभ हैं, देवों में भी दूसरा न मिले ऐसा परम भक्त। बजरंग बाला नाचते छम छम, सीता मां के मांग में सिंदूरी रंग लगाते। राम रिजावे को सजाने का बहाना, हाथों में सिंदूर लेकर तैयार हो जाते, तन पर लाल चोला चढ़ा लेते। भक्ति का रंग चढ़ा तो लाल पहनकर ताल पर थिरकते। इश्वर का आशीर्वाद है, जो हर भक्त को नाचने की ताकत देता।

राम के प्रेम में बालाजी अनोखा ढंग दिखाते, चोला चढ़ाकर चरणों में गाते। राम कुमार मालूणी बार-बार जय गाते, भक्ति की लहर में सब डूब जाते। हमें दिखाते हैं कि सच्ची लगन तो रंग-रूप से परे बसती, दिल से नाच उठता है। जरा इस भक्ति में खो जाओ, जीवन झूम उठे। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शक्ति मिले। जय हनुमान जी की!
 
Singer bhagvat Suthar koshiwada
Sound Vinayak Sound Rajsamand

 
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