और चरणों चित्त दे री, अरे, बहुत दिनों की जोहती, और राम तुम्हारी बाट, जी तरसे मिलन को, और मन नाहीं विश्राम।
एजी मैं पिया की प्यारणी और अपना करले री अरे कलह कल्पना मैट के, और चरणों चीत दे री, अरे बहुत दिनों की जोहती, और राम तुम्हारी बाट, जी तरसे तू मिलन को, और मन नाही विश्राम।
अरे यो बर पायो वो दिवानी ने, यो बर पायो री अरे यो बर पायो वो लाड़ली ने यो बर पायो री म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी, सायब बर पायो री, म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
अरे भटकत भटकत सब जग भटक्या ने, आज को अवसर आयो वो म्हारी हेली, अरे अबके अवसर आयो वो हेली अरे भटकत भटकत सब जग भटक्या ने आज को अवसर आयो वो म्हारी हेली अरे अबके अवसर आयो वो हेली अरे अब का अवसर चूक जाओगा
हां अब का अवसर चूक जाओगा अरे नहीं ठीकाणा पाया बनड़ा ने घणों रिझायो री नहीं ठीकाणा पाया बनड़ा ने घणों रिझायो री घणों रिझायो वो लाडली घणों रिझायो री अरे यो बर पायो वो दिवानी ने यो बर पायो री म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
अरे राम नाम का लगन लिखाया ने सतगुरु ब्याह रचाया म्हारी हेली अरे दिन गुरु ब्यावर रचायो वो हेली अरे राम नाम का लगन लिखाया ने सतगुरु ब्याह रचाया म्हारी हेली अरे दिन गुरु ब्यावर रचायो वो हेली अरे साईं शबद लइ सामे मिलज्ञ्या साईं शबद लइ सामे मिलज्ञ्या यो तोरण बिंद जढ़ायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे एजी तोरण बिंद जढ़ायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे घणों रिझायो वो लाडली घणों रिझायो रे अरे यो बर पायो वो दिवानी ने यो बर पायो री म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
अरे प्रेम की पीठी सूरत की हल्दी नाम को तेल चढ़ायो वो हेली
Kabir Bhajan Lyrics in Hindi
अरे नाम को तेल चढ़ायो वो हेली प्रेम की पीठी सूरत की हल्दी नाम को तेल चढ़ायो म्हारी हेली यो नाम को तेल चढ़ायो वो हेली पांच सखी मिल मंगल गावे पांच सखी मिल मंगल गावे यो मोतिया मंडप छायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे मोतिया मंडप छायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे घणों रिझायो वो लाडली घणों रिझायो रे अरे यो बर पायो वो दिवानी ने यो बर पायो री म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
अरे सत्य नाम की चंवरी रचाई ने पडलो प्रेम सवायो वो हेली यो पडलो प्रेम सवायो वो हेली सत्य नाम की चंवरी रचाई ने पडलो प्रेम सवायो म्हारी हेली यो पडलो प्रेम सवायो वो हेली अरे अविनाशी का जोड़ियां हतेला अविनाशी का जोड़ियां हतेला ब्रह्मा लगन लगायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे ब्रह्मा लगन लगायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे घणों रिझायो वो लाडली घणों रिझायो रे अरे यो बर पायो वो दिवानी ने यो बर पायो री
म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
रंग महल में सेज पिया की ओढ़े सूरत सवायो वो हेली अरे ओढ़े सूरत सवायो वो हेली रंग महल में सेज पिया की ओढ़े सूरत सवयो वो हेली अरे ओढ़े सूरत सवयो वो हेली अरे अब म्हारी प्रीत पिया संग लागी अब म्हारी प्रीत पिया संग लागी ए सब संतन मिल पायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे ए सब संतन मिल पायो बनड़ा ने घणों रिझायो रे घणों रिझायो वो लाडली घणों रिझायो रे अरे यो बर पायो वो दिवानी ने यो बर पायो री म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
चौरासी का फेरा फिर कर बिंद परण घर आयो वो हेली हां परण बिंद घर आयो वो हेली चौरासी का फेरा फिर कर बिंद परण घर आयो वो हेली परण बिंद घर आयो वो हेली अरे कहे कबीर सुनो भाई साधो हां कहे कबीर सुनो भाई साधो यो हंस बधावो गायों बनड़ा ने घणों रिझायो री यो हंस बधावो गायों बनड़ा ने घणों रिझायो री घणों रिझायो वो लाडली ने घणों रिझायो रे अरे यो बर पायो वो दिवानी ने यो बर पायो री म्हारी सूरत सुहागन नवल बणी सायब बर पायो री।
घणो रिझायो हो दीवानी || Ghano Rijhayo || Kabir Bhajan
Are, Kalah Kalpana Met Ke, Aur Charanon Chitt De Ri, Are, Bahut Dinon Ki Johati, Aur Raam Tumhaari Baat, Ji Tarase Milan Ko, Aur Man Naahin Vishraam.
Eji Main Piya Ki Pyaarani Aur Apana Karale Ri Are Kalah Kalpana Mait Ke, Aur Charanon Chit De Ri, Are Bahut Dinon Ki Johati, Aur Raam Tumhaari Baat, Ji Tarase Tu Milan Ko, Aur Man Naahi Vishraam.