श्याम का खजाना लुट रहा कृष्ण भजन

श्याम का खजाना लुट रहा कृष्ण भजन

लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै।
(लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लूट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै। )


लूट सके तो लूट ले रे बन्दे,
काहे देरी करता है,
ऐसा मौका फ़िर ना मिलेगा,
सबकी झोली भरता है,
इनकी शरण में आकर के,
जो कुछ भी माँगा मिल गया रे,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै।

हाथों हाथ मिलेगा परचा
यह दरबार नराला है
घर घर पूजा हो कलयुग में
भगतो का रखवाला है
जिस ने भी इनका नाम लिया
किस्मत का ताला खुल गया रे
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै।

इनके जैसा इस दुनियाँ में,
कोई भी दरबार नहीं
ऐसा दयालू हैं बनवारी,
करता कभी इंकार नहीं
कौन है ऐसा इस दुनियाँ में,
जिसको बाबा नट गया रै।
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै।

लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै।
(लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लूट रहा रै,
लुट रहा,  लुट रहा, लुट रहा रै,
श्याम का खजाना लुट रहा रै,
बाबा का ख़जाना लुट रहा रै। )

Shyam Ka Khajana Lut Raha Re [Rajasthani Shyam Bhajan] by Jai Shankar Chaudhary

Shyaam Ka Khajaana Lut Raha Rai,
Lut Raha, Lut Raha, Lut Raha Rai,
Shyaam Ka Khajaana Lut Raha Rai,
Baaba Ka Khajaana Lut Raha Rai.
(Lut Raha, Lut Raha, Lut Raha Rai,
Shyaam Ka Khajaana Lut Raha Rai,
Lut Raha, Lut Raha, Lut Raha Rai,
Shyaam Ka Khajaana Lut Raha Rai,
Baaba Ka Khajaana Lut Raha Rai. )
 
Rajasthani shyam Bhajan: Shyam Ka Khajana Lut Raha Re
Album: Darzi Seem De Nishan
Singer: Jai Shankar Chaudhary 

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