थारी म्हारी करता उमर बीती सारी

थारी म्हारी करता उमर बीती सारी भजन

साँच बरोबर तप नहीं,
तो झूठ बराबर पाप,
जिनके हृदय साँच है,
उनके हृदय आप।
(सॉंच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।
जाके हिरदै सॉंच है, ताके हिरदै आप।)
अंध के आगे काँच बिकावत,
बहरे को बैठ के राग सुणाई,
हीरा गँवार के हाथ दिया,
पुनि स्वयं के सुगंध लगाईं,

थारी म्हारी करतां उमर,
बीती सारी रे,
मन तू नाही बिचारि रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
बीती सारी रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
उमरियाँ बीती सारी रे,
ओ मन तू ना विचारी रे।

गरभवास में कौल किया,
तूने सदा बिहारी रे,
रे मन तू सदा बिहारी रै,
बाहर भेज्यो नाथ भगती,
करस्यूं थारी रे,
रे मन तू ना विचारी रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
उमरियाँ बीती सारी रे,
ओ मन तू ना विचारी रे।

बाळपण में लाड लडायों,
माता थारी रे,
बाळपण में लाड़ लडायो,
मैया तेरी रे,
तरूण भयो जद लागे,
घर की नारी रे,
ओ मनवा घर की नारी रे,
रे मन तू ना विचारी रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
उमरियाँ बीती सारी रे,
ओ मन तू ना विचारी रे।

पछे तो माया में पड़ग्यो,
हुयो जंजाली रे,
रे मनवा हुयो जंजाली रे,
कौडी कौडी खातिर लेवे,
राड़ उधारी रे,
रे मनवा राड़ उधारी रे,
रे मन तू ना विचारी रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
उमरियाँ बीती सारी रे,
ओ मन तू ना विचारी रे।

बूढ़ा हुआ जद कहण लागी,
घर री नारी रे,
बूढ़ा हुआ जद कहण लागी,
थारी घर री नारी रे,
कद मरसी ओ डैण छूटे,
गैल हमारी रे,
रे मन तू ना विचारी रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
उमरियाँ बीती सारी रे,
ओ मन तू ना विचारी रे।

कालूराम सीख दी थाने,
थाने लागे खारी रै,
कालूराम सीख दी थाने,
थाने लागे खारी रै,
रे मन लागे खारी रै,
अब चौरासी भुगतो बंदा,
अब चौरासी भुगतो बंदा,
करणी थारी रे,
रे मन तू ना विचारी रे,
थारी म्हारी करतां उमर,
उमरियाँ बीती सारी रे,
ओ मन तू ना विचारी रे।

थारी मारी करता उम्र बीती सारी | Thari Mari Karta Umar Biti Sari | Shyam Vaishnav

Saanch Barobar Tap Nahin,
To Jhuth Baraabar Paap,
Jinake Hrday Saanch Hai,
Unake Hrday Aap.
(Sonch Baraabar Tap Nahin, Jhuth Baraabar Paap.
Jaake Hiradai Sonch Hai, Taake Hiradai Aap.)
Andh Ke Aage Kaanch Bikaavat,
Bahare Ko Baith Ke Raag Sunai,
Hira Ganvaar Ke Haath Diya,
Puni Svayan Ke Sugandh Lagain,

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