विण बोलियां सब कीछ जाणदा शबद कीर्तन

विण बोलियां सब कीछ जाणदा भजन


विण बोलियां सब कीछ जाणदा,
किस आगे,
किस आगे, कीजै अरदास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।

बबिहा सगळी धरती जे फिरै,
उड़ चढ़े आकाश,
उड्ड  चढ़े आकाश,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।
किस आगे, कीजै अरदास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा। 


सतगुरु मिलिए जल पाइए,
चूखे भूख पियास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।
किस आगे, कीजै अरदास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।

जियो पिंड सब तिस का,
सब किछ तिस कै पास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।
किस आगे, कीजै अरदास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।

नानक घट घट एको वरतदा,
शब्द करै प्रगास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।
किस आगे, कीजै अरदास,
विण बोलियां सब कीछ जाणदा।
वाहेगुरु, वाहेगुरु,वाहेगुरु, वाहेगुरु। 

Vin Boleya Sabh Kish Janda - Bhai Joginder Singh Ji Riar Ludhiana | Shabad Kirtan | Amritt SaagarVin Boliyaan Sab Kichh Jaanada,


Kis Aage,
Kis Aage, Kijai Aradaas,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada.
Babiha Sagali Dharati Je Phirai,
Ud Chadhe Aakaash,
Udd  Chadhe Aakaash,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada.
Kis Aage, Kijai Aradaas,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada.


Sataguru Milie Jal Paie,
Chukhe Bhukh Piyaas,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada.
Kis Aage, Kijai Aradaas,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada.

Jiyo Pind Sab Tis Ka,
Sab Kichh Tis Kai Paas,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada.
Kis Aage, Kijai Aradaas,
Vin Boliyaan Sab Kichh Jaanada. 


Ragi - Bhai Joginder Singh Riar Ludhiana Wale
Album - Vin Boleya Sabh Kish Janda
Music - Joy Atul
Director - Karanpreet Singh Bhatia
Producer - Balbir Singh Bhatia 
Videography - videoNation
Company - Amritt Saagar

यह शबद गुरु नानक देव जी की एक दिव्य वाणी है, जिसमें यह बताया गया है कि परमात्मा जो है, वह बिना किसी शब्द के, बिना बोले भी सबकुछ जानता है। उसका ज्ञान और अस्तित्व इतना व्यापक है कि वह पृथ्वी, आकाश, और सभी जीवों में व्याप्त है। जैसे चातक पक्षी (बबिहा) पूरा संसार उड़ते हुए भी उस एक बूंद जल के लिए तरसता है, वैसे ही आत्मा सतगुरु की संगत के बिना अपनी तृष्णा बुझा नहीं पाती। सतगुरु की संगत से ही वह प्यास शांत होती है और मनुष्य को वास्तविक ज्ञान और शांति मिलती है।

इस शबद का मूल संदेश यह है कि जीवात्मा और शरीर दोनों उसी परमात्मा के अधीन हैं, और वही सबकुछ रखने वाला है। जब तक हम उस परमात्मा की संपूर्णता और सर्वज्ञता को नहीं समझ लेते, तब तक हमें किसके आगे अरदास करनी चाहिए? भगवान हर हृदय में व्याप्त हैं और शबद (सतगुरु की वाणी) के दर्शन से हमारा जीवन प्रकाशमान होता है। यह ज्ञान मनुष्य को ईश्वर की अनुभूति और भक्ति का मार्ग दिखाता है, जो जीवन की सच्ची मुक्ति और आनंद की कुंजी है। 

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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