मेरे मन के आँगन में एक बार चले आओ
मेरे मन के आँगन में एक बार चले आओ भजन
मेरे मन के आँगन में,एक बार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
और किसे देदूँ दिल,
सब यहाँ फ़रेबी हैं,
गर तुम हो मेरे दिलबर,
तो यार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
तुमको मैंने मोहन अपना,
मालिक बनाया है,
चाकर समझो गर तो,
सरकार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
बेधड़क तुम्हारे बिना,
मेरा ना वज़ूद है,
तुम्ही हो जीवन का,
आधार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
भजन श्रेणी : कृष्ण जन्माष्टमी भजन (श्री कृष्ण जन्माष्टमी के सभी भजन देखें )
मेरे मन के आंगन में एक बार चले आओ मोहन | Mere Mann Ke Aangan Mein | Ishrat Jahan | Janmashtami 2021
Ek Baar Chale Aao,
Mere Man Ke Aangan Mein,
Ek Baar Chale Aao,
Ik Baar Chale Aao Mohan,
Ik Baar Chale Aao Mohan,
Ik Baar Chale Aao Na,
Sauda Karana Hai Dil Ka,
Diladaar Chale Aao,
Mere Man Ke Aangan Mein,
Ek Baar Chale Aao.
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