बिन मांगे सब कुछ पाया मैं जबसे शरण में आया

बिन मांगे सब कुछ पाया मैं जबसे शरण में आया


बिन मांगे सब कुछ पाया,
मैं जबसे शरण में आया,
मेरे साथ हमेशा रहते,
प्रभु पार्श्व ये बनके साया,
बिन मांगे सब कुछ पाया।

मैं जिसको ढूँढ़ रहा था,
वो शंखेश्वर में मिला है,
इनकी कृपा से मेरी,
बगिया में फूल खिले हैं,
मेरे सिर पर हाथ रखकर,
बस प्यार ही प्यार लुटाया,
मेरे साथ हमेशा रहते,
प्रभु पार्श्व ये बनके साया,
बिन मांगे सब कुछ पाया।

हे शंखेश्वर के स्वामी,
सुन लो जग अंतर्यामी,
जब जब भी पड़ी जरूरत,
तेरी याद आई है स्वामी,
तेरे ही भरोसे दादा,
सपनों के महल बनाऊँ,
तू देकर भूलने वाला,
मैं हरदम हाथ फैलाऊँ,
तेरा कैसे कर्ज चुकाऊँ,
कितने एहसान गिनाऊँ,
तू देकर भूलने वाला,
मैं हरदम हाथ फैलाऊँ।

जबसे मिला ये द्वार,
चमका किस्मत का सितारा,
इनके ही नाम से चलता,
सब भक्तों का ये गुजारा,
तुमको इस दिल में बिठाकर,
दिलबर तुझे अपना बनाया,
मेरे साथ सदा ही रहते,
प्रभु पार्श्व ये बनके साया।

बिन मांगे सब कुछ पाया,
मैं जबसे शरण में आया,
मेरे साथ हमेशा रहते,
प्रभु पार्श्व ये बनके साया,
बिन मांगे सब कुछ पाया।



He Shankheshwar Swami | Jain Song | Atul Navlakha

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Shri Shankheshwar Parshwanath Jain Stavan
Title : He Shankheshwar Swami 
Singer : Atul Navlakha
Writer : Dilip Dilbar 
Music : Harsh Vyas (Mumbai)
Mixing : Nageshwar Katha
Video Shoot & Edit : Vinod Rathore
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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