लुट रहा रे मैया का खजाना लुट रहा भजन

लुट रहा रे मैया का खजाना लुट रहा भजन

लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रे,
मैया का ख़जाना लुट रहा रे,
शेरावाली का खजाना लुट रहा रे,
लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रे।

लूट सके तो लूटले बन्दे,
काहे देरी करता है,
ऐसा मौका फिर ना मिलेगा,
क्यों नहीं झोली भरता है,
माँ की शरण में आ करके के,
जो भी माँगा, मिल गया रे,
लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रे।

हाथों हाथ मिलेगा परचा,
ये दरबार निराला है,
घर घर पूजा हो कलियुग में,  
भक्तों का बोलबाला है,
जिसने भी माँ का नाम लिया,
किस्मत का ताला खुल गया रै,
लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रै।

मैया जैसा इस दुनिया में,
कोई भी दरबार नहीं,
ऐसी दयालू बनवारी को,
करती कभी इंकार नहीं,
कौन है ऐसा दुनिया में,
जिसको ये मैया लूट गई रे,
लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रै।

लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रे,
मैया का ख़जाना लुट रहा रे,
शेरावाली का खजाना लुट रहा रे,
लुट रहा, लुट रहा, लुट रहा रे,
मैया का खजाना लुट रहा रे।

 


आज तो सबकी ख़ाली झोली भर जाएगा ये भजन | Navratri Bhajan | Mata Rani Ke Bhajan | Maa Durga Bhajan
Lut Raha, Lut Raha, Lut Raha Re,
Maiya Ka Khajaana Lut Raha Re,
Maiya Ka Khajaana Lut Raha Re,
Sheraavaali Ka Khajaana Lut Raha Re,
Lut Raha, Lut Raha, Lut Raha Re,
Maiya Ka Khajaana Lut Raha Re.

Mata Rani Bhajan: Lut Raha Lut Raha Lut Raha Re Maiya Ka Khajana Lut Raha Re
Singer: Aditi Mukherjee
Music: Indranil Roy
Presented By: Saurabh Madhukar
Music Label: Sur Saurabh Industries
 
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