बरसाने में आनंद छायो लाली जन्मदिन भजन

बरसाने में आनंद छायो लाली को जन्मदिन आयो

राधा अष्टमी पर सुनिए अत्यंत ही मधुर भजन जिसे स्वर दिया है साध्वी पूर्णिमा जी ने। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के १५ दिवस उपरान्त श्री राधा रानी जी का जन्म दिवस (भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी) राधा अष्टमी के रूप में अत्यंत ही धूम धाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है। राधा अष्टमी के रोज श्री राधे रानी जी का सुमिरन करने और व्रत रखने से समस्त पाप कर्म फल नष्ट होते हैं।
राधा अष्टमी के दिवस किया जाने वाला उपवास का सनातन धर्म में बहुत अधिक महत्त्व है। राधे रानी अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर करती है और प्रत्यक्ष रूप से श्री कृष्ण जी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
आइये अब श्री राधे का यह भजन (बरसाने में आनंद छायो) सुनिए-

बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो,
लाली को जनम दिन आयो,
श्यामा को जन्मदिन आयो,
बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो।

घर घर बाजे मंगल बधाई,
प्रगट भयी श्यामा सुखदाई,
बृजवासीन को मन हरषायो,
लाली को जन्मदिन आयो,
बरसाने में आनंद छायों,
लाली को जन्मदिन आयो।।

गोपी ग्वाल सब नाचे गावे,
भानु भवन में धूम मचावै,
ढाढ ढांढ़िन ने दंगल मचायो,
लाली को जन्मदिन आयो,
बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो।

झूले पलना कुंवर किशोरी,
शीतल शील कृपामई भोरी,
मन दरश कर सुख पायो,
लाली को जन्मदिन आयो,
बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो।

 
लाली को मुख पूनम को चंदा,
रसिक रसेश्वरी आनंद कंदा,
नित लाली को लाड़ लड़ायो,
राधे को जन्मदिन आयो,
बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो।

बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो,
लाली को जनम दिन आयो,
श्यामा को जन्मदिन आयो,
बरसाने में आनंद छायो,
लाली को जन्मदिन आयो।
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