मुझे वृन्दावन बसाया ये करम नहीं तो क्या है
मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मैं ग़मों की धूप में जब,
तेरा नाम ले के निकला,
मिला रहमतों का साया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
हां, मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मैं ग़मों की धूप में जब,
तेरा नाम ले के निकला,
मिला रहमतों का साया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
हां, मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
- यह भजन भी अवश्य ही देखें : हम हैं वृन्दावन के वासी लिरिक्स Hum Hain Vrindavan Ke Vasi Bhajan : Krishna Bhajan
मेरी गलतियों को प्यारे,
मिले आप के सहारे,
मैं गिरा तो खुद उठाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
हां, मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मुझे वक्त-ऐ-जिक्र करके,
मेरी रूह में उतर के
मेरे दिल को दिल बनाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
हां, मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मिले आप के सहारे,
मैं गिरा तो खुद उठाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
हां, मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मुझे वक्त-ऐ-जिक्र करके,
मेरी रूह में उतर के
मेरे दिल को दिल बनाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
हां, मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मुझे वृन्दावन बसाया,
ये करम नहीं तो, क्या है,
मेरा मरतबा बढ़ाया,
ये करम नहीं तो, क्या है।
मरतबा : मान सम्मान बढ़ना, श्रेणी, रुतबा, दर्जा, पद, पदवी, इज्जत, ओहदा आदि .
करम : उपकार, श्रेष्ठ कार्य, रहमत .
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
पूर्णिमा जी का Most Popular Krishan Bhajan- मुझे वृंदावन बुलाया ये कर्म नहीं तो क्या हैं
हृदय में उस परम सत्ता के प्रति एक ऐसी कृतज्ञता और प्रेम का भाव उमड़ता है, जो जीवन को एक पवित्र तीर्थस्थल के समान बना देता है। यह अनुभव केवल बाहरी यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा की गहराइयों में उस सत्ता का निवास स्थापित करने का प्रतीक है। जब जीवन की कठिनाइयां और दुखों की तपिश असहनीय हो उठती है, तब उसका नाम जपने से एक ऐसी शीतल छाया प्राप्त होती है, जो सारी पीड़ाओं को शांत कर देती है। यह कृपा इतनी गहन है कि वह न केवल मन को सुकून देती है, बल्कि जीवन को एक नई ऊंचाई, एक नया सम्मान प्रदान करती है। यह प्रेम और भक्ति का ऐसा बंधन है, जो जीव को सांसारिक मर्यादाओं से ऊपर उठाकर उसकी आत्मा को पवित्रता और शांति के आलोक में बसाता है।
► Singer Name :- Poonam Didi
► Song Name :- मुझे वृंदावन बुलाया ये कर्म नहीं तो क्या हैं
► Copyright :- Sadhvi Purnima Ji & Saawariya Music
► Song Name :- मुझे वृंदावन बुलाया ये कर्म नहीं तो क्या हैं
► Copyright :- Sadhvi Purnima Ji & Saawariya Music
