अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदंरम
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदंरम कृष्णा भजन
राम नारायणं जानकी बल्लभम………...2
1 ) कौन कहते हैं भगवान आते नहीं……..2
तुम मीरा की तरह बुलाते नहीं……...2
2 ) कौन कहते हैं भगवान नाचते नहीं……..2
गोपियों की तरह हम नाचते नहीं……..2
3 ) कौन कहते हैं कि भगवान खाते नहीं…...2
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं…...2
4 ) कौन कहते हैं भगवान सोते नहीं……..2
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं…….2
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदंर……….2
राम नारायणं जानकी बल्लभम………...2
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदंर……….2
राम नारायणं जानकी बल्लभम………...2
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
कृष्णा धूनी | प्रभु अरदास | Parbhu Ardaas | Jigyasa ( Jiya ) | #krishnadhun | Jiya HMS Music
इसी तरह, जब भजन कहता है, "कौन कहते हैं भगवान नाचते नहीं, गोपियों की तरह हम नाचते नहीं," तो इसका अर्थ है कि हमारा समर्पण अधूरा है। गोपियों ने कृष्ण के प्रेम में सब कुछ भूलकर नृत्य किया। उनका नृत्य केवल शारीरिक क्रिया नहीं था, बल्कि वह उनके संपूर्ण समर्पण और आनंद का प्रतीक था। यदि हम भी अपने जीवन को भगवान को समर्पित कर दें और उनके प्रेम में लीन हो जाएँ, तो जीवन का हर पल एक नृत्य बन जाता है, और भगवान उस नृत्य में सहभागी होते हैं।
"कौन कहते हैं कि भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं," यह पंक्ति हमें बताती है कि भगवान हमारे दिखावे से नहीं, बल्कि हमारे प्रेम से प्रसन्न होते हैं। शबरी ने झूठे बेर इसलिए नहीं खिलाए क्योंकि वह अज्ञानी थी, बल्कि उसने अपने प्रेम को परखकर परोसा था। उसके बेर में प्रेम और भक्ति का रस था। जब हम अपने कर्मों को प्रेम और निस्वार्थ भाव से करते हैं, तो वह प्रसाद बन जाता है, और भगवान उसे स्वीकार करते हैं।
Song : प्रभु अरदास | Parbhu Ardaas
Singer : Jigyasa ( Jiya )
Music : Kuldeep Deepak
Poster : Jiya Creations ( 92050561068 )
Video By : Jiya Creations
अच्युत: इसका अर्थ है 'जो कभी अपने स्थान से हटता नहीं' या 'जो अविनाशी है'। यह नाम भगवान की स्थिरता और उनके शाश्वत स्वरूप को दर्शाता है। यह हमें सिखाता है कि जीवन की सभी मुश्किलों में भी, ईश्वर हमारे साथ हमेशा रहते हैं, कभी नहीं बदलते।
केशव: 'केशव' का अर्थ है 'जिसके बाल सुंदर हों' या 'ब्रह्मा और शिव को नियंत्रित करने वाला'। यह नाम भगवान की सर्वशक्तिमानता और उनके ब्रह्मांड पर पूर्ण नियंत्रण को दर्शाता है।
दामोदर: 'दामोदर' का अर्थ है 'जिसकी कमर रस्सी से बंधी हो' (दाम = रस्सी, उदर = पेट)। यह नाम भगवान कृष्ण की बचपन की लीला से जुड़ा है, जब उनकी माता यशोदा ने उन्हें शरारत करने पर रस्सी से बांध दिया था। यह नाम भगवान की सरलता और भक्तों के प्रति उनकी सुलभता को दिखाता है।
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