जय जय तुलसा जय जय राम भजन
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
कहाँ रहे तुलसी, कहाँ रहे राम,
कहाँ रहे लक्ष्मण कहाँ हनुमान,
आँगन रहे तुलसी, अयोध्या में राम,
संग में रहे लक्ष्मण वन में हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
क्या रंग तुलसी क्या रंग राम,
क्या रंग लक्ष्मण क्या हनुमना,
हरा रंग तुलसी, श्याम रंग राम,
गोरा रंग लक्ष्मण, लाल हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
क्या खाये तुलसा क्या खाए राम,
क्या खाए लक्ष्मण क्या हनुमान,
जल पीये तुलसा मेवा खाए राम,
बूटी खाए लक्षमण फल हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
क्या देवे तुलसा क्या देवे राम,
क्या देवे लक्ष्मण क्या हनुमान,
रोग निवारे टुल्सा मुक्ति देवे राम,
शक्ति देवे लक्ष्मण भक्ति हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
कहाँ रहे तुलसी, कहाँ रहे राम,
कहाँ रहे लक्ष्मण कहाँ हनुमान,
आँगन रहे तुलसी, अयोध्या में राम,
संग में रहे लक्ष्मण वन में हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
क्या रंग तुलसी क्या रंग राम,
क्या रंग लक्ष्मण क्या हनुमना,
हरा रंग तुलसी, श्याम रंग राम,
गोरा रंग लक्ष्मण, लाल हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
क्या खाये तुलसा क्या खाए राम,
क्या खाए लक्ष्मण क्या हनुमान,
जल पीये तुलसा मेवा खाए राम,
बूटी खाए लक्षमण फल हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
क्या देवे तुलसा क्या देवे राम,
क्या देवे लक्ष्मण क्या हनुमान,
रोग निवारे टुल्सा मुक्ति देवे राम,
शक्ति देवे लक्ष्मण भक्ति हनुमान,
जय जय तुलसा जय जय राम,
जय जय लक्ष्मण जय हनुमान।
भजन श्रेणी : विविध भजन/ सोंग लिरिक्स हिंदी Bhajan/ Song Lyrics
|| जय जय तुलसा जय जय राम || TULSI MATA BHAJAN BY SD ||
Jay Jay Tulasa Jay Jay Raam,
Jay Jay Lakshman Jay Hanumaan.
SONG : JAI JAI TULSA JAI JAI RAM
SINGER : SARLA DAHIYA
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तुलसी और राम, लक्ष्मण और हनुमान की विशिष्टताओं का वर्णन है—जैसे तुलसी का हरा रंग, राम का श्याम वर्ण, लक्ष्मण का गोरा रंग और हनुमान जी का लाल रंग। यह प्रतीकात्मक रंग ब्रह्मांडीय शक्तियों और धर्म की विभिन्न भावनाओं को दर्शाते हैं। उनके रंग ही उनकी विशिष्टता और पहचान भी हैं, जो प्रेम, शक्ति, भक्ति और समर्पण के प्रतीक हैं।
गीत में तुलसी के आश्रम और आँगन की बात है, जहाँ राम, लक्ष्मण और हनुमान रहिते हैं, जो अयोध्या और वन की पावन भूमि का प्रतिनिधित्व करता है। तुलसी का जीवित रहना और भगवान के साथ होना जीवन की आध्यात्मिक उन्नति का सूचक है।
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