प्यार तेरा महारानिए मैं खोना नही चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए मैं खोना नही चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए, मैं खोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए...
अपने सोहणे दर तो, दाती दूर करी ना मैनूं
दर-दर ठोकरां खा के, दाती लब्बेया ऐ मैं तैनूं
जय जय मां, जय जय मां
अपने सोहणे दर तो...
दर-दर ठोकरां खा के...
जय जय मां, जय जय मां
दुखां वाला भार सिर ते, टोणा नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए...
ना मैं किसे दे जोगा दाती, ना मैनूं कुझ आउंदा
तेरे वाजों मायिए मेरिए, कोई ना मैनूं चाहुंदा
जय जय मां, जय जय मां
ना मैं किसे दे जोगा...
तेरे वाजों मायिए मेरिए...
जय जय मां, जय जय मां
दुनिया दी इस भीड़ विच अंदर, खोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए...
रह गया ना मैनूं ऐतबार मां, कर्मां ते हुण मेरे
छड्ड दित्ती ज़िंदगानी अपनी, दाती आसरे तेरे
जय जय मां, जय जय मां
रह गया ना मैनूं ऐतबार...
छड्ड दित्ती ज़िंदगानी...
जय जय मां, जय जय मां
तेरी गोदी छड्ड के मैं, किते सोणा नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती...
ऐसा कर उपकार, मैं हर पल नाम सिमरदा जावां
साह लैणा भुल जावां तां वी, तेरा नाम ध्यावां
जय जय मां, जय जय मां
ऐसा कर उपकार...
साह लैणा भुल जावां...
जय जय मां, जय जय मां
भजन तेरें नूं छड्ड के मैं, कुछ गाऊँ ना चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती...
प्यार तेरा महारानिए, मैं खोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती...
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए...
अपने सोहणे दर तो, दाती दूर करी ना मैनूं
दर-दर ठोकरां खा के, दाती लब्बेया ऐ मैं तैनूं
जय जय मां, जय जय मां
अपने सोहणे दर तो...
दर-दर ठोकरां खा के...
जय जय मां, जय जय मां
दुखां वाला भार सिर ते, टोणा नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए...
ना मैं किसे दे जोगा दाती, ना मैनूं कुझ आउंदा
तेरे वाजों मायिए मेरिए, कोई ना मैनूं चाहुंदा
जय जय मां, जय जय मां
ना मैं किसे दे जोगा...
तेरे वाजों मायिए मेरिए...
जय जय मां, जय जय मां
दुनिया दी इस भीड़ विच अंदर, खोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
प्यार तेरा महारानिए...
रह गया ना मैनूं ऐतबार मां, कर्मां ते हुण मेरे
छड्ड दित्ती ज़िंदगानी अपनी, दाती आसरे तेरे
जय जय मां, जय जय मां
रह गया ना मैनूं ऐतबार...
छड्ड दित्ती ज़िंदगानी...
जय जय मां, जय जय मां
तेरी गोदी छड्ड के मैं, किते सोणा नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती...
ऐसा कर उपकार, मैं हर पल नाम सिमरदा जावां
साह लैणा भुल जावां तां वी, तेरा नाम ध्यावां
जय जय मां, जय जय मां
ऐसा कर उपकार...
साह लैणा भुल जावां...
जय जय मां, जय जय मां
भजन तेरें नूं छड्ड के मैं, कुछ गाऊँ ना चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती...
प्यार तेरा महारानिए, मैं खोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती, हुण मैं रोना नहीं चाहुंदा
बहुत रो लेया दाती...
प्यार तेरा महारानिए मैं खोना नही चाहुंदा दिल को छू लेने वाला भजन जरूर सुने
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माँ के प्रेम की गहराई और उसकी छांव छोड़ने का विचार भी मन को अस्वीकार्य लगता है। जीवन में बहुत दुख सह लिए, अब और रोना नहीं चाहता—बस माँ के प्यार में ही डूबा रहना है। माँ के दर से दूर होने की कल्पना भी असहनीय है, क्योंकि तमाम ठोकरें खाने के बाद आखिरकार उसी की शरण में सच्चा सुकून मिला है।
दुनिया की भीड़ में खोना नहीं चाहता, क्योंकि माँ के बिना जीवन में कोई अपनापन या चाहत बाकी नहीं रहती। अब किसी और से अपेक्षा नहीं, न ही किसी और के योग्य होने की चिंता है—माँ की ममता ही सबसे बड़ी पूंजी है। कर्मों पर अब कोई भरोसा नहीं, जीवन पूरी तरह माँ के आसरे छोड़ दिया है। उसकी गोदी के सिवा कहीं और चैन नहीं मिलता, और यही एकमात्र आश्रय है।
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चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
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दुनिया की भीड़ में खोना नहीं चाहता, क्योंकि माँ के बिना जीवन में कोई अपनापन या चाहत बाकी नहीं रहती। अब किसी और से अपेक्षा नहीं, न ही किसी और के योग्य होने की चिंता है—माँ की ममता ही सबसे बड़ी पूंजी है। कर्मों पर अब कोई भरोसा नहीं, जीवन पूरी तरह माँ के आसरे छोड़ दिया है। उसकी गोदी के सिवा कहीं और चैन नहीं मिलता, और यही एकमात्र आश्रय है।
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Author - Saroj Jangir
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