तेरे दरबार की महिमा बड़ी निराली है

तेरे दरबार की महिमा बड़ी निराली है

मैया, शेरावाली माँ, लाटां वाली माँ,
तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है,
तू तो दाती है दयालु है, झंडे वाली है,
तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है।

तेरे चेहरे से दाती, नूर नूर बरसे हैं,
रहमतें तू लुटाती ख़ूब, तेरे दर से हैं,
तेरे होते रहेगी कैसे, झोली खाली है,
तू तो दाती है दयालू है, झंडे वाली है,
तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है।

तेरे दीदार को कई बार, दिल मचलता है,
तेरा ही नाम जुबाँ से, माँ निकलता है,
बैठे चरणों में तेरे आकर, वो भाग्यशाली है,
तू तो दाती है दयालू है, झंडे वाली है,
तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है।

ये तमन्ना है तुझसे दूर, ना रहूं मैया,
तू भी जाने है तुझसे और, कहूं मैया,
लहरी नैनों में तेरी झाँकी, माँ सजा ली है,
तू तो दाती है दयालू है, झंडे वाली है,
तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है।

तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है,
तू तो दाती है दयालु है, झंडे वाली है,
तेरे दरबार की महिमा, बड़ी निराली है।


भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Mata Rani Bhajan)



उमा लहरी जी की आवाज़ से झूम उठे सारे लोग !! तेरे दरबार की महिमा बड़ी निराली है !! भक्ति सांग

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