कंवर सा बिना कोण बंधावे धीर भजन

कंवर सा बिना कोण बंधावे धीर भजन

कंवर सा बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर

बागड़ देश में शिवजी आया,
बनके गोरख फकीर,
नागणी ने दियों केसरों,
हां बाछल गोगा पीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

पान नारवा डंबा खांसी,
खोवे बेल गंभीर,
कोढ़िया रा कोढ़ मिटावें,
हां कंचन करे शरीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

सातूं आठूं कंवर केसरों,
नमूं ने गोगा पीर,
कोई चढ़ावे फूल पतासा,
हां कोई चढ़ावे खीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

बिछड़ी माता पूत मिलावें,
बहन मिलावें वीर,
सुल्तान मीर आ गाई छांवली,
हां कस के मारो तीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

कंवर सा बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।




कंवर सा बिना कोण बँधावे धीर अन्तरयामी बिना गायक बलवीर रणवीर जोड़ा भाई एन्ड पार्टी

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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