कंवर सा बिना कोण बंधावे धीर भजन

कंवर सा बिना कोण बंधावे धीर भजन

कंवर सा बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर

बागड़ देश में शिवजी आया,
बनके गोरख फकीर,
नागणी ने दियों केसरों,
हां बाछल गोगा पीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

पान नारवा डंबा खांसी,
खोवे बेल गंभीर,
कोढ़िया रा कोढ़ मिटावें,
हां कंचन करे शरीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

सातूं आठूं कंवर केसरों,
नमूं ने गोगा पीर,
कोई चढ़ावे फूल पतासा,
हां कोई चढ़ावे खीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

बिछड़ी माता पूत मिलावें,
बहन मिलावें वीर,
सुल्तान मीर आ गाई छांवली,
हां कस के मारो तीर,
अंतर्यामी बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।

कंवर सा बिना,
कोण बंधावे धीर,
घोड़ा ले बिना,
कोण बंधावे धीर।



कंवर सा बिना कोण बँधावे धीर अन्तरयामी बिना गायक बलवीर रणवीर जोड़ा भाई एन्ड पार्टी

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
यह प्रोग्राम गांव धिरासर हाडान में समस्त ग्रामीणो द्वारा गोगा जी महाराज की मेड़ी पर आयोजन करवाया गया ह इसके गायक कलाकार बलवीर रणवीर जोड़ा भाई एन्ड पार्टी मघेवाली ढाणी
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्सआध्यात्मिक भजनगुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post