बांके बिहारी से निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ भजन

बांके बिहारी से निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ भजन

सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ।

ना जाने क्या किया जादू,
यह तकती रह गयी अखियाँ,
ना जाने क्या किया जादू,
यह तकती रह गयी अखियाँ,
चमकती हाय बरछी सी,
कलेजे गड़ गयी आखियाँ,
चमकती हाय बरछी सी,
कलेजे गड़ गयी आखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ।


चहुं दिश रस भरी चितवन,
मेरी आखों में लाते हो,
चहुं दिश रस भरी चितवन,
मेरी आखों में लाते हो,
कहो कैसे कहाँ जाऊं,
यह पीछे पद गयी अखियाँ,
कहो कैसे कहाँ जाऊं,
यह पीछे पद गयी अखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ।

भले तन से निकले प्राण,
मगर यह छवि ना निकलेगी,
भले तन से निकले प्राण,
मगर यह छवि ना निकलेगी,
अँधेरे मन के मंदिर में,
मणि सी गड़ गयी अखियाँ,
अँधेरे मन के मंदिर में,
मणि सी गड़ गयी अखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ।

सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ,
बचायी थी बहुत लेकिन,
निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ,
सखी री बांके बिहारी से,
हमारी लड़ गयी अंखियाँ।

भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)

भजन श्रेणी : खाटू श्याम जी भजन (Khatu Shyam Ji Bhajan)



एकादशीस्पेशल बाँके बिहारी से निगोड़ी लड़ गई अँखियाँ 
 
SINGERS : SARLA DAHIYA, MAMTA GUPTA 
 AARTI, NEERJA
 (+91-9810108326 / +91-9910313208)
MUSIC : DHOLAK : SANJEEV KUMAR - +91-7838141835
 HARMONIUM : SEVA SINGH - +91-9212337808 
 
बाँके बिहारी की एक चितवन से आंखें ठहर जाती हैं, निगाहें खुद चल पड़ीं बंधने को। बचाने की कितनी कोशिश हो, वो चमकती बरछी सी दिल में उतर आती। चारों ओर रस भरा सैलाब उमड़ता, किधर मुंह फेरूं, पीछे ही पड़ रहतीं। मन के काले कोने में मणि सी जगमगा उठतीं, प्राण जाएं तो जाएं, ये छवि कभी न हिलेगी। ये जादू सा करिश्मा जीवन भर रंग भर देता।

सच्ची मोहब्बत निगाहों से उतर आती, दिल की धड़कन थाम लेती। हमें दिखाते हैं कि एक झलक में दुनिया सुंदर लगे, सारी चिंता गायब हो जाए। जरा खो जाओ इस नजारे में, हर पल मीठा बने। ऐसे प्रेम की धुन पर झूमो, मन को गुदगुदाहट मिले। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी भक्ति मिले। जय श्री बाँके बिहारी जी की! 
 

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