हारा वाला क्यों रुस्या कृष्णा भजन
हारा वाला क्यों रुस्या कृष्णा भजन
थोड़ी जही ज़िंदगी होर,हारा वाला क्यों रुस्या,
क्यों रुस्या क्यू रूसिया।
बाजार वी कहन्दा फीता,
असा जहर जुदाई वाला पीता,
असा प्यार तेरे नाल किता,
हारा वाला क्यों रुस्या,
क्यों रुस्या क्यू रूसिया।
बाज़ार वी कहन्दा लारा,
तैनू छड्ड के किदर जावा,
तेरे नाल मै लाइया लावा,
हारा वाला क्यों रुस्या,
क्यों रुस्या क्यू रूसिया।
बाज़ार वी कहन्दा लोई,
तेरी याद च छम छम रोई,
ओ मै ता तेरी होई,
हारा वाला क्यों रुस्या,
क्यों रुस्या क्यू रूसिया।
बाजार वी कहन्दा कील वे,
सानू कुंज गली विच मिल वे,
ओ साडा तेरे उत्ते आया दिल वे,
हारा वाला क्यों रुस्या,
क्यों रुस्या क्यू रूसिया।
थोड़ी जही ज़िंदगी होर,
हारा वाला क्यों रुस्या,
क्यों रुस्या क्यू रूसिया।
Hara wale Kyu Russ Da | Bas Thodi Jehi Zindagi Hor Bhajan | Dwarka Nath Shastri Ji
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थोड़ी सी ज़िंदगी बाकी हारावाला क्यों रुस्या रे, बाज़ार भी फीता कहे जुदाई का ज़हर पीता हूँ तेरे प्यार में। लारा कहे छड्ड के किधर जाऊँ तेरे नाल लावा लाया हूँ मन का। लोई कहे तेरी याद में छम छम रोई, मैं तो तेरी ही हूँ बस। साधकों को इश्वर का आशीर्वाद प्रेम की पुकार से मिलता है, जैसे कोई मीठा ज़हर बाँध ले जीत ले दिल को।
कील कहे कुंज गली में मिल जा सानू, दिल आया तेर ऊपर ही। रुस्से क्यों हारावाला थोड़ी ज़िंदगी में प्यार निभा लें। बाज़ार की बातें सुन दिल झूम उठे, बस नाराज़गी मिटा दो। जैसे कोई अपना मनाने को लावा लाए, वैसे सुकून घुल जाए हर जुदाई में। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री हारावाला जी! जय श्री श्याम जी!