सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ भजन

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

 
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

सखि री बाँके बिहारी से हमारी लड़ गई अखियाँ~
बचाई थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गई अखियाँ।।

ना जाने क्या किया जादू, यह तकती रह गई अखियाँ~
चमकती हाय बरछी सी, कलेजे गड़ गई अखियाँ~
सखि री बाँके बिहारी से हमारी लड़ गई अखियाँ~
बचाई थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गई अखियाँ।।

चहुँ दिश रस भरी चितवन मेरी आँखों में लाते हो~
कहो कैसे कहाँ जाऊँ, यह पीछे पड़ गई अखियाँ~
सखि री बाँके बिहारी से हमारी लड़ गई अखियाँ~
बचाई थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गई अखियाँ।।

भले यह तन से निकले प्राण, मगर यह छवि ना निकलेगी~
अँधेरें मन के मंदिर में मणि सी गड़ गई अखियाँ~
सखि री बाँके बिहारी से हमारी लड़ गई अखियाँ~
बचाई थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गई अखियाँ।।


सखी‌ री बांकें बिहारी से रसिक पागल मामा 9991515880

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

बाँके बिहारी की एक झलक से आँखें ठहर सा जाती हैं, निगाहें खुद-ब-खुद बंध जातीं। बचाने की कितनी कोशिश करें, वो चमकती बरछी सी कलेजे में उतर आती। चारों ओर रस भरी चितवनों का समंदर उमड़ पड़ता, किधर जाऊँ कहाँ जाऊँ, पीछे ही पड़ रहतीं। मन के अंधेरे मंदिर में मणि सी जगमगा उठतीं, तन के प्राण निकलें तो निकलें, ये छवि कभी न हिलेगी। इश्वर का आशीर्वाद है, जो हर नजर को अपना बना लेता।

ये जादू सा बंधन जीवन को रंगीन कर देता, हर पल नई ताजगी भर देता। हमें बताते हैं कि सच्ची मोहब्बत तो निगाहों से ही पनपती, दिल की गहराई छू जाती। जरा खो जाओ इस दीदार में, दुनिया भूल जाए। ऐसे प्रेम की लहर में बहते रहो, मन को सुकून मिले। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी भक्ति मिले। जय श्री बाँके बिहारी जी की!

 

Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स, आध्यात्मिक भजन, गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें।

Next Post Previous Post