ओ भोले ले चल काशी धाम भजन
ओ भोले ले चल काशी धाम
ओ भोले ले चल काशी धाम,जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार।
शीश भोले के जटा विराजे,
जटा विराजे जटा विराजे,
उनकी जटा से बहती रहती,
गंगा की ये धार,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार।
गले भोले के रुण्डों की माला,
रुण्डों की माला रुण्डों की माला,
उनके गले में लिपटा रहता,
विषधर काला नाग,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार।
हाथ भोले के त्रिशूल विराजे,
त्रिशूल विराजे त्रिशूल विराजे,
उनके हाथ में बजता रहता,
डमरू चारो धाम,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार।
पांव भोले के खडाऊ विराजे,
खडाऊ विराजे खडाऊ विराजे,
उनके पैरो में बजती रहती,
घुंघरू की झंकार,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार।
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार,
ओ भोले ले चल काशी धाम,
जहाँ विराजे गौरा रानी,
गणपति सरकार।
शिव भजन | भोले ले चल काशी धाम | Bhole Le Chal Kashi Dham | Bholenath Bhajan | Kajal Malik
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Author - Saroj Jangir
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