मन अंदर मोहन तन बाहर मोहन भजन
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन,
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन।
गैया चराये मेरा मोहन,
माखन खाये मेरा मोहन,
रास रचाये वो है मोहन,
खेल खिलाये मेरा मोहन,
राग सुनाये मेरा मोहन,
बंसी बजाये मेरा मोहन,
सखिया नचाये वो है मोहन,
दुनिया झुलाये मेरा मोहन।
राधे राधे करते करते,
हरि को मनाना है,
राधे राधे जपते जपते,
हरि पास जाना है,
मुझे बस तेरा होना,
तुझमे मिल जाना है,
तेरा नाम लेते लेते,
सबको छोड़ जाना है।
राधा गाये मेरा मोहन,
मीरा गाये मेरा मोहन,
गोपिया गाये वो है मोहन,
सांसे गाये मेरा मोहन,
प्रेम पढाये मेरा मोहन,
भक्ति सिखाये मेरा मोहन,
बातें बताये मेरा मोहन,
सृष्टि चलाये मेरा मोहन।
मुझे तेरा साथ मिला,
दुनिया से क्या चाहना है,
तेरे संग प्रीत लागी,
तू मेरा ठिकाना है,
कृष्णा मेरे कृष्णा,
सबसे प्यारा मेरा मोहन,
सबसे न्यारा मेरा मोहन,
सबका दुलारा वो है मोहन,
आँखों का तारा मेरा मोहन।
जब से मन को,
मेरे मोहन ने मोह लिया,
तब से मैंने दुनिया का,
हर मोह छोड़ दिया,
राधे राधे,
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन।
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन,
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन।
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन,
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन।
गैया चराये मेरा मोहन,
माखन खाये मेरा मोहन,
रास रचाये वो है मोहन,
खेल खिलाये मेरा मोहन,
राग सुनाये मेरा मोहन,
बंसी बजाये मेरा मोहन,
सखिया नचाये वो है मोहन,
दुनिया झुलाये मेरा मोहन।
राधे राधे करते करते,
हरि को मनाना है,
राधे राधे जपते जपते,
हरि पास जाना है,
मुझे बस तेरा होना,
तुझमे मिल जाना है,
तेरा नाम लेते लेते,
सबको छोड़ जाना है।
राधा गाये मेरा मोहन,
मीरा गाये मेरा मोहन,
गोपिया गाये वो है मोहन,
सांसे गाये मेरा मोहन,
प्रेम पढाये मेरा मोहन,
भक्ति सिखाये मेरा मोहन,
बातें बताये मेरा मोहन,
सृष्टि चलाये मेरा मोहन।
मुझे तेरा साथ मिला,
दुनिया से क्या चाहना है,
तेरे संग प्रीत लागी,
तू मेरा ठिकाना है,
कृष्णा मेरे कृष्णा,
सबसे प्यारा मेरा मोहन,
सबसे न्यारा मेरा मोहन,
सबका दुलारा वो है मोहन,
आँखों का तारा मेरा मोहन।
जब से मन को,
मेरे मोहन ने मोह लिया,
तब से मैंने दुनिया का,
हर मोह छोड़ दिया,
राधे राधे,
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन।
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन,
मन अंदर मोहन,
तन बाहर मोहन,
राधे राधे करता रहूँ,
जपता रहूँ मोहन।
Latest Krishna Bhajan 2023 ~ मोहन | Mohan | Aarush Arora | Kabeer Shukla | 4k
Song Title :- Mohan
Singer :- Aarush Arora
Lyrics :- Kabeer Shukla
Music :- Aarush Arora
Backing vocals :- Deepanshu Jain, Mansi Jain, Manik, pallavi Arora
Flute by Flutepreet
Singer :- Aarush Arora
Lyrics :- Kabeer Shukla
Music :- Aarush Arora
Backing vocals :- Deepanshu Jain, Mansi Jain, Manik, pallavi Arora
Flute by Flutepreet
मन में बस वो मोहन विराजमान हैं, हर सांस में उनका नाम गूँजता है। बाहर भी वही रूप दिखता है, हर काम में वही साथ महसूस होता है। राधे-राधे की माला फेरते हुए दिन बीत जाते हैं, जैसे हर पल में वो नजदीक आता चला जाता है। गैया चराते, माखन चुराते, बंसी की मीठी तान पर सखियों को नचाते, रास रचाते – वो सब कुछ करता है, जो प्रेम की गहराई सिखाता है। दुनिया की हर चीज झूलती है उनके इशारे पर, लेकिन दिल को वो शांति देता है जो कहीं और नहीं मिलती। जैसे कोई पुराना साथी हर कदम पर हाथ थामे हो, "चल, मैं हूँ ना।"
राधा गाती हैं, मीरा गाती हैं, गोपियाँ गाती हैं, और साँसें भी उनका नाम लेती हैं। प्रेम की किताब वो खुद पढ़ाते हैं, भक्ति का रास्ता दिखाते हैं। बातें करते हैं जो दिल को छू जाती हैं, सृष्टि को चलाते हैं वो ही। जब से मन ने उन्हें अपना लिया, तब से बाकी सब मोह छूट गया। दुनिया से क्या लेना-देना, जब उनका साथ मिल गया। वो सबसे प्यारा, सबसे न्यारा, सबका दुलारा, आँखों का तारा – बस वो ही ठिकाना है। राधे-राधे जपते हुए हरि के पास पहुँचना है, उनमें ही मिल जाना है। ये प्रेम इतना गहरा है कि सब कुछ पीछे छूट जाता है, सिर्फ उनका नाम रह जाता है।
