यही हसरतें तलब हैं ये ही आरजू है भजन

यही हसरतें तलब हैं ये ही आरजू है दिल में कृष्णा भजन

 
यही हसरतें तलब हैं ये ही आरजू है दिल में लिरिक्स Yahi Hasrate Talab Hain Lyrics

यही हसरतें तलब हैं,
ये ही आरजू है दिल में,
ना हटें मेरी निगाहें,
तेरे रुख से जिंदगी में,
यही हसरतें तलब हैं,
ये ही आरजू है दिल में,
ना हटें मेरी निगाहें,
तेरे रुख से जिंदगी में।

फूलों की ताज़गी में,
तारों की रौशनी में,
जो बात देखी तुममें,
देखी नहीं किसी में,
यही हसरतें तलब हैं,
ये ही आरजू है दिल में,
ना हटें मेरी निगाहें,
तेरे रुख से जिंदगी में।

तुम सामने खड़े हो,
मैं सजदा कर रहा हूं,
मैं सजदा कर रहा हूं,
मैं सजदा कर रहा हूं,
बड़ा लुफ्त आ रहा है,
बन्दे को बंदगी में,
यही हसरतें तलब हैं,
ये ही आरजू है दिल में,
ना हटें मेरी निगाहें,
तेरे रुख से जिंदगी में।

मेरी आखिरी तमन्ना,
तू कबूल काश कर ले,
तू कबूल काश कर ले,
तू कबूल काश कर ले,
मैं जीऊं तेरी गली में,
मैं मरुँ तेरी गली मैं,
यही हसरतें तलब हैं,
ये ही आरजू है दिल में,
ना हटें मेरी निगाहें,
तेरे रुख से जिंदगी में।

यही हसरतें तलब हैं,
ये ही आरजू है दिल में,
ना हटें मेरी निगाहें,
तेरे रुख से जिंदगी में।

इस भावपूर्ण भजन को अवश्य सुनें | Nikunj Kamra Best Bhajan | Bhav Pravah #krishnabhajanBhajan: Yahi Hasraten Talab Hain

Bhajan: Yahi Hasraten Talab Hain
Voice: Nikunj Kamra

भक्त की एकमात्र तीव्र इच्छा (हसरतें तलब और आरजू) यह है कि उसकी निगाहें जीवन भर अपने प्रिय (आराध्य) के चेहरे (रुख) से कभी न हटें, यानी वह हर पल, हर क्षण अपने प्रियतम के दर्शन में लीन रहना चाहता है। वह बताता है कि उसने फूलों की सुंदरता (ताज़गी) और तारों की चमक (रौशनी) सहित संसार की किसी भी वस्तु में वह अलौकिक आकर्षण और बात नहीं देखी, जो केवल अपने प्रियतम में मौजूद है।

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