डम डम डमरू बजाये शिव शंकर कैलाशपति लिरिक्स
डम डम डमरू बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति,
युग युग सोया दीप जलाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
डम डम डमरुँ बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति।
माथे ऊपर तिलक चन्द्रमा,
पहने नाग की माला,
डमरुँ की धड़कन पे नाँचे,
सृष्टि का रखवाला,
निज भगतन केकष्ट मिटाये,
शिव शंकर कैलाश पति,
युग युग सोया दीप जलाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
डम डम डमरुँ बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति।
जटाजूट सी झरती गंगा,
भव के ताप मिटाती,
धरती और प्यासे की होगी,
मैया प्यास बुझाती,
निज कृपा जग पे बरसाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
युग युग सोया दीप जलाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
डम डम डमरुँ बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति।
मंगल कारी नाम है उनका,
वो है शक्ति दाता,
भव सागर से तारता है,
जो शिव नाम है गाता,
मोह माया से मन को छुड़ाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
युग युग सोया दीप जलाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
डम डम डमरुँ बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति। डम डम डमरू बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति,
युग युग सोया दीप जलाए,
शिव शंकर कैलाश पति,
डम डम डमरुँ बजाये,
शिव शंकर कैलाशपति।
Dam Dam Damaru Bajaye Shiv Shankar
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