जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेंजर भजन

जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेंजर भजन

जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।

सुख दुख की पटरी पे,
दौड़ लगाती है,
सुख दुख की पटरी पे,
दौड़ लगाती है,
मंज़िल तक हमको पहुचाती है,
मंज़िल तक हमको पहुचाती है,
सांसो का इसमे जब तक तेल है,
सांसो का इसमे जब तक तेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।

अच्छे कर्मो की टिकट कटा लेना,
अच्छे कर्मो की टिकट कटा लेना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
बिना टिकट तो सीधी जैल है,
बिना टिकट तो सीधी जैल है,
कभी पस्संगेर कभी मैल है
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।

रिश्ते भी बनते और बिगड़ते है,
रिश्ते भी बनते और बिगड़ते है,
यात्री जो चढ़ते और उतरते है,
यात्री जो चढ़ते और उतरते है,
मैया के सिग्नल का ये खेल है,
मैया के सिग्नल का ये खेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।

जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।

Jeevan To Bhaiya Train Hai - Sona Jadhav

Singer - Sona Jadhav 

ज़िन्दगी को रेल की तरह देखना बताता है कि हर सफर अस्थायी है और रोल-रोल बदलते रहते हैं। कभी आराम से बैठकर मंज़िल तक पहुँचने का मौका मिलता है, तो कभी भारी जिम्मेदारियों की तरह बोझ उठाना पड़ता है; दोनों ही हिस्से जरूरी हैं। सुख और दुःख निकलते-घुसते रहते हैं, पर यह सफर चलता रहता है—कभी तेज, कभी सुस्त। जब साँसों में ऊर्जा बनी रहती है तो आगे बढ़ने की ताकत मिलती है; यही चलता रहना अंत में किसी न किसी ठहराव तक पहुंचा देता है। 

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